Ethanol Blending In Petrol And Mileage Myth: भारत में पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग की मात्रा बढ़ाने को लेकर सरकारी प्रयास जारी हैं और हाल ही में फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए E85 फ्यूल भी लॉन्च किया गया, जिसमें पेट्रोल में 85 फीसदी तक इथेनॉल मिला होता है और यह पेट्रोल के मुकाबले 20 रुपये सस्ता है। वहीं, सरकार ने हाल ही में ई22, ई25, ई27 और ई30 जैसे हाई इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए बीआईएस स्टैंडर्ड नोटिफाई किए हैं। इन सबके बीच लोगों में भयंकर बहस छिड़ी हुई है कि हमारी कारों के तो माइलेज ही घट रहे हैं और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
इतना घट सकता है माइलेज
आजकल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले पेट्रोल में इथेनॉल के बढ़ते मिश्रण ने कार और बाइक मालिकों के बीच एक बड़ी चिंता पैदा कर दी है। सरकार द्वारा E20 फ्यूल को अनिवार्य करने और भविष्य में E30 तक के मानकों को अधिसूचित करने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि इथेनॉल के कारण गाड़ियों का माइलेज 30 फीसदी तक कम हो गया है।
हालांकि, एक्सपर्ट और ऑटोमोबाइल डेटा की मानें तो वास्तविकता इन दावों से काफी अलग है। दरअसल, पेट्रोल के मुकाबले इथेनॉल में एनर्जी डेंसिटी 30 फीसदी तक कम होता है, लेकिन इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि आपकी गाड़ी का माइलेज भी 30 फीसदी ही कम होगा। वास्तविक परिस्थितियों में E10 पर माइलेज में 2-3 फीसदी और E20 पर 5-6 फीसदी की मामूली गिरावट देखी जाती है।
माइलेज घटने के असली कारण?
आपकी गाड़ी का माइलेज अगर 30 फीसदी तक गिर गया है तो इसके पीछे सिर्फ इथेनॉल का हाथ नहीं है। भीषण गर्मी में एसी ज्यादा चलाना माइलेज को 10-15 फीसदी तक कम कर देता है।
इसके अलावा, पुरानी गाड़ियों में फ्यूल सिस्टम इथेनॉल के साथ सामंजस्य बिठाने में संघर्ष करती है, क्योंकि इथेनॉल में सफाई के गुण होते हैं जो पुरानी गंदगी को ढीला कर इंजेक्टर को प्रभावित कर सकते हैं।
सरकार ने E22 से E30 तक के लिए BIS स्टैंडर्ड जारी किए हैं और इनके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क से छूट भी दी है, ताकि भविष्य में इसे व्यावसायिक रूप से किफायती बनाया जा सके।
इन बातों का रखें ध्यान, गाड़ी रहेगी सुरक्षित
यहां बता दें कि 2023-24 के बाद जो नई गाड़ियां बनी हैं, वो खास तौर से इथेनॉल-ब्लेंड फ्यूल के लिए ट्यून की गई हैं। अपनी गाड़ी की एफिसिएंसी बनाए रखने के लिए समय-समय पर फ्यूल फिल्टर और स्पार्क प्लग की जांच कराना जरूरी है।
टायर का सही प्रेशर और ट्रैफिक में गैरजरूरी रेविंग से बचने की अच्छी ड्राइविंग प्रैक्टिस माइलेज को स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं। आपके पास अगर बहुत पुरानी गाड़ी है तो इथेनॉल मिश्रण के बारे में अपने डीलर से सलाह लें।
आ गई हैं फ्लेक्स फ्यूल कार और बाइक्स
आपको बता दें कि हाल ही में मारुति सुजुकी ने वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल और हीरो मोटोकॉर्प ने स्प्लेंडर प्लस और एचएफ डीलक्स के फ्लेक्स फ्यूल मॉडल पेश किए। इन गाड़ियों की खूबियां हैं कि ये 85 फीसदी तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से चल सकती हैं। इसके ठीक बाद इंडियन ऑयल ने E85 फ्यूल लॉन्च कर दिया, जिसकी कीमत 82 रुपये प्रति लीटर है और यह पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता है।