दूसरों को पत्‍नियों को उठवाता, लूटता जिस्म, कौन है TMC नेता रबीउल इस्लाम?

who is deganga shahjahan: संदेशखाली के शेख शाहजहां का खौफनाक अध्याय अभी लोगों के जेहन से उतरा भी नहीं था कि उत्तर 24 परगना के देगंगा से एक और ‘शाहजहां’ का काला चिट्ठा बाहर आ गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में छपी जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रबीउल इस्लाम पर आरोप है कि वह अपने आलीशान गार्डन हाउस में महिलाओं को मछली फ्राई करने के नाम पर बुलाता था और फिर उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाता था. गरीब से करोड़पति बने इस नेता के जुल्म की दास्तां सुनकर पूरा बंगाल सन्न है.

महिलाओं के लिए बना काल
देगंगा पंचायत समिति का यह नेता रबीउल इस्लाम इलाके में किसी आतंक से कम नहीं था. स्थानीय निवासियों के अनुसार, रबीउल का अपना एक विशालकाय गार्डन हाउस है, जो करीब 100 बीघा जमीन पर फैला हुआ है. आरोप है कि वह रात के अंधेरे में महिलाओं को मछली तलने या खाना बनाने के बहाने वहां बुलाता था. यह कोई दावत नहीं, बल्कि एक घिनौना जाल था. वहां पहुंचने के बाद महिलाओं को बंधक बनाकर उन पर अमानवीय अत्याचार किए जाते थे. इलाके के लोग बताते हैं कि रबीउल का इतना खौफ था कि कोई भी महिला या उनका परिवार जुबान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था.

मजदूरी से 10 करोड़ का सफर
रबीउल इस्लाम के उदय की कहानी उतनी ही चौंकाने वाली है जितनी उसके अपराधों की. साल 2011 से पहले रबीउल एक साधारण दिहाड़ी मजदूर था, जो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करता था. लेकिन सत्ता के गलियारों में पहुंच बनाने के बाद उसकी किस्मत का सितारा तेजी से चमका. देखते ही देखते वह देगंगा पंचायत समिति में वन एवं भूमि विभाग का शक्तिशाली अधीक्षक बन बैठा. आरोप है कि उसने सरकारी परियोजनाओं के नाम पर मिले धन और पेड़ों को अपने निजी गार्डन हाउस को सजाने में खर्च किया. आज उसकी इस संपत्ति की कीमत 10 करोड़ रुपये आंकी गई है.

बांग्लादेश भागते हुए चढ़ा हत्थे
लंबे समय तक रबीउल ने अपने रसूख के दम पर हर कानून को ठेंगा दिखाया. जबरन वसूली और महिला उत्पीड़न की कई शिकायतें देगंगा थाने पहुंचीं, लेकिन हर बार उसका प्रभाव भारी पड़ा. हालांकि, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद जैसे ही स्थितियां बदलीं, रबीउल का सुरक्षा कवच टूट गया. पुलिस की सक्रियता बढ़ते ही वह अंडरग्राउंड हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी जान बचाकर सीमा पार बांग्लादेश भागने की योजना बना रहा था. लेकिन उसकी यह चालाकी काम नहीं आई. बसिरहाट बॉर्डर पर पुलिस की मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया. अब वह सलाखों के पीछे है और जांच एजेंसियां उसकी अवैध संपत्ति की परतों को खोलने में जुटी हैं.

बांग्लादेश भागते हुए चढ़ा हत्थे

लंबे समय तक रबीउल ने अपने रसूख के दम पर हर कानून को ठेंगा दिखाया. जबरन वसूली और महिला उत्पीड़न की कई शिकायतें देगंगा थाने पहुंचीं, लेकिन हर बार उसका प्रभाव भारी पड़ा. हालांकि, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद जैसे ही स्थितियां बदलीं, रबीउल का सुरक्षा कवच टूट गया. पुलिस की सक्रियता बढ़ते ही वह अंडरग्राउंड हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी जान बचाकर सीमा पार बांग्लादेश भागने की योजना बना रहा था. लेकिन उसकी यह चालाकी काम नहीं आई. बसिरहाट बॉर्डर पर पुलिस की मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया. अब वह सलाखों के पीछे है और जांच एजेंसियां उसकी अवैध संपत्ति की परतों को खोलने में जुटी हैं.