हमीरपुर। ईंधन बिक्री से जुड़े नए नियम लागू होने के बाद हिमाचल के करीब 26 पेट्रोल पंपों को अस्थायी तौर पर बंद किए जाने से पेट्रोलियम डीलरों में हलचल मच गई है। निर्धारित सीमा से अधिक डीजल की बिक्री सामने आने के बाद तेल कंपनियों ने संबंधित पेट्रोल पंपों की बिक्री प्रणाली पर रोक लगा दी है। प्रभावित पंप प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित हैं। अब कंपनियां संबंधित डीलरों से यह स्पष्ट करने को कह रही हैं कि नए निर्देश लागू होने के बावजूद निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन की बिक्री कैसे हुई।
200 लीटर से ज्यादा डीजल देने पर एक्शन
जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों ने अपने डीलरों को दोपहर करीब एक बजे संदेश भेजकर नई व्यवस्था की जानकारी दी थी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि रिटेल आउटलेट्स पर थोक स्तर पर ईंधन की बिक्री नहीं की जाएगी तथा एक वाहन को अधिकतम 200 लीटर डीजल ही उपलब्ध करवाया जा सकेगा। हालांकि कई स्थानों पर नई सूचना लागू होने से पहले पुरानी व्यवस्था के तहत बिक्री जारी रही। पहले लागू सीमा के अनुसार कुछ वाहनों को 300 लीटर तक डीजल दिया जाता रहा, जिससे नए नियमों का उल्लंघन दर्ज हो गया।
निर्देश जारी होने के बाद की ऑनलाइन मानीटरिंग
बताया जा रहा है कि कंपनियों ने निर्देश जारी करने के बाद ऑनलाइन मॉनीटरिंग शुरू की तो कई पेट्रोल पंपों पर 200 लीटर से अधिक डीजल की बिक्री रिकॉर्ड में दिखाई दी। इसके बाद संबंधित आउटलेट्स की ईंधन बिक्री प्रणाली को अस्थायी रूप से लॉक कर दिया गया। तकनीकी रूप से बिक्री बंद होते ही इन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी रुक गई। शुक्रवार शाम तक यह कार्रवाई जारी रही और शनिवार को भी प्रभावित पेट्रोल पंपों पर सामान्य कारोबार शुरू नहीं हो सका।
90 दिन के लिए लागू की गई नई सीमा
नई व्यवस्था के तहत प्रति वाहन डीजल की अधिकतम सीमा 200 लीटर निर्धारित की गई है, जबकि पेट्रोल की बिक्री 70 लीटर प्रति वाहन तक सीमित रखी गई है। यह व्यवस्था फिलहाल 90 दिनों के लिए लागू की गई है। इसके बाद सरकार की ओर से स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
क्या कहते हैं पंप संचालक
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें निर्देश डिजिटल माध्यम से प्राप्त हुए थे और संदेश समय पर न देख पाने के कारण कुछ समय तक पुरानी सीमा के अनुसार ही ईंधन दिया जाता रहा। हालांकि जानकारी मिलते ही नए नियमों का पालन शुरू कर दिया गया था।
डीलरों ने भेजना शुरू किया स्पष्टीकरण
एचपी पेट्रोलियम डीलर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि पुराने और नए निर्देशों के बीच अचानक हुए बदलाव के कारण कुछ स्थानों पर भ्रम की स्थिति बन गई। जब तक सभी डीलर संशोधित सीमा के अनुरूप बिक्री शुरू करते, तब तक कई पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि प्रभावित डीलरों की ओर से संबंधित कंपनियों को स्पष्टीकरण भेजे जा रहे हैं। उम्मीद है कि कंपनियां जवाबों पर विचार करने के बाद जल्द ही इन पेट्रोल पंपों को दोबारा ईंधन बिक्री की अनुमति प्रदान करेंगी, जिससे उनका नियमित संचालन बहाल हो सके।