रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ी हुई दरों को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर 17 और 18 जून को दो दिवसीय प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।
दो दिनों तक लगातार मुद्दा उठाएगी कांग्रेस
आंदोलन के पहले दिन यानी बुधवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट होकर बिजली कार्यालयों का घेराव करेंगे। इस दौरान राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। गुरुवार को जिला स्तर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पत्रकार वार्ताएं आयोजित की जाएंगी, जहां पार्टी बिजली दर वृद्धि और इसके आम जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर सरकार को घेरेगी।
जुलाई से घर-घर जाकर आवेदन भरवाएगी कांग्रेस
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिजली दरों में यह बढ़ोतरी जनता पर सीधा अत्याचार है। पार्टी इस वृद्धि और जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के विरोध में अपना आंदोलन लगातार तेज करेगी। बैज ने बताया कि आगामी जुलाई के प्रथम सप्ताह से कांग्रेस कार्यकर्ता एक बड़ा जन अभियान शुरू करेंगे, जिसके तहत घर-घर जाकर लोगों से आवेदन भरवाए जाएंगे और स्मार्ट मीटरों को हटाने की मांग बुलंद की जाएगी।
पांचवी बार बढ़ोतरी से आम लोग परेशान
दीपक बैज ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में यह पांचवीं बार की गई बढ़ोतरी है, जिससे आम जनता त्रस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से उपभोक्ताओं के बिजली बिल सामान्य से तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए महीने में एक हजार रुपये दे रही है, तो दूसरी तरफ बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी करके जनता की जेब से चार हजार रुपये तक वसूल रही है।