कोरिया; छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन के कारोबार से जुड़े विवाद ने मंगलवार देर हिंसक रूप ले लिया। सोनहत तहसील क्षेत्र के ग्राम कटगोड़ी में हुई इस सनसनीखेज वारदात में कुछ लोगों ने भाजपा के एक स्थानीय नेता को कथित तौर पर कार के अंदर जिंदा जलाकर मार डाला। वहीं तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है तथा घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे की है। जब भरत सिंह गहरवार अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी से नवगई गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर एक टिपर वाहन से उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को कई बार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद गाड़ी पर कथित तौर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
बताया गया है कि बार-बार टक्कर मारे जाने के कारण गाड़ी के दरवाजे जाम हो गए थे। फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार लोग जब शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, तभी आरोपियों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। इस घटना में भाजपा नेता गहरवार की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि फॉर्च्यूनर में सवार तीन अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया
घटना की सूचना मिलते ही सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रात में ही घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले में मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी भी भाजपा से जुड़े बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक भरत सिंह और आरोपी मनोज त्रिपाठी के बीच रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार दोपहर को भी दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी।
गाड़ी की फॉरेंसिक जांच कराएगी पुलिस
भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि भरत सिंह गहरवार और मनोज त्रिपाठी दोनों के परिवार मूल रूप से कटगोड़ी से सटे नगोई गांव के निवासी हैं। हालांकि भरत सिंह परिवार वर्तमान में बैकुंठपुर में रहता है, लेकिन वह कटगोड़ी में रेत खनन और पत्थर तोड़ने का कारोबार करता है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर दोनों परिवारों के सदस्यों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद तनाव बढ़ गया। अधिकारियों ने बताया कि बाद में रात में फोन पर बातचीत के बाद भरत सिंह और उनके साथी कथित तौर पर विरोधी गुट के सदस्यों से मिलने गए, जिसके बाद टकराव हिंसक हो गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल छिड़ककर उसमें आग लगा दी। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि हमले के दौरान गाड़ी एक बिजली के खंभे से भी टकराया था। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि वाहन में आग पेट्रोल डालकर जानबूझकर लगाई गई थी या बिजली के खंभे से टकराने के कारण लगी।