लद्दाख जा रहे हैं तो बैग फिर से चेक कर लें, हिमालय बचाने को आ गया नया नियम, तोड़ा तो लगेगा तगड़ा जुर्माना

Ladakh Plastic Ban: दुनियाभर से लोग लद्दाख घूमने के लिए जाते हैं. लद्दाख की वादियों में जाने के बाद लोगों का लौटने का मन ही नहीं करता है. यहां का वातावरण हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है. हालांकि, अब स्वच्छता और वातावरण को ध्यान में रखते हुए लद्दाख प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सिंगल-यूज प्लास्टिक (एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. इतना ही नहीं जो भी व्यक्ति इस नियम को तोड़ेगा, उसपर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा. ऐसे में अगर आप भी लद्दाख जाने के लिए सोच रहे हैं तो पैकिंग फिर से कर लें.

इसे लेकर लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रशासन ने लद्दाख की नाजुक इकोलॉजी और लैंडस्केप को बचाने की कोशिशों के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक आइटम की बिक्री, इस्तेमाल और स्टोरेज पर रोक लगाने का आदेश दिया है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि नया एनफोर्समेंट फ्रेमवर्क फील्ड-लेवल के अधिकारियों को नियम तोड़ने का पता लगाने और सख्ती से लागू करने के लिए चालान जारी करने का अधिकार भी देता है.

यह ऐलान इकोलॉजिकली सेंसिटिव हिमालयी क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है, जहां हर साल भारी संख्या में टूरिस्ट आते हैं. नए फ्रेमवर्क की एक खास बात यह है कि लेह एयरपोर्ट और लद्दाख में बॉर्डर एंट्री पॉइंट पर सिंगल-यूज प्लास्टिक आइटम के लिए रैंडम इंस्पेक्शन शुरू किया जाएगा. इन चेकिंग का मकसद बैन प्लास्टिक प्रोडक्ट को केंद्र शासित प्रदेश में आने से रोकना और जमीनी स्तर पर इसे लागू करने को मजबूत करना है.

भरना पड़ेगा जुर्माना
नए नियमों के तहत, अगर कोई व्यक्ति, होटल, रेस्टोरेंट और खाने की जगहों समेत कमर्शियल जगहें और संस्थान बैन सिंगल-यूज प्लास्टिक आइटम का इस्तेमाल, बिक्री या स्टोर करते हुए पाए जाते हैं, तो उन पर 10,000 रुपये का एनवायरनमेंटल जुर्माना लगेगा. लागू करने के नियमों के मुताबिक, सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फैलाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा.

क्या है मकसद
अधिकारियों ने कहा कि इन जुर्माने का मकसद शहरी सेंटर, ग्रामीण इलाकों और टूरिस्ट जगहों पर सख्ती से पालन पक्का करना और प्लास्टिक कचरे को कम करना है.