रायपुर: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश से पहले मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक ने भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई है, लेकिन मानसून की आधिकारिक दस्तक में हो रही देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण ग्रामीण इलाकों में मौसम की गतिविधियों पर नजरें टिकी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में कहीं न कहीं मेघगर्जन के साथ बारिश और वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गईं। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका सक्रिय है। वहीं पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के रास्ते तमिलनाडु तक एक अन्य द्रोणिका बनी हुई है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ रहा है।
प्रदेश में शनिवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की स्थिति बन सकती है। राजधानी रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, अंधड़ और बारिश की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मानसून की प्रतीक्षा के बीच मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आम लोगों को राहत दे रहा है, लेकिन कृषि पर निर्भर प्रदेश के किसानों की नजरें अब भी मानसून की औपचारिक दस्तक पर टिकी हुई हैं।