राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) टीम के साथ मिलकर सीकर पुलिस ने 3 युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को जिगाना सहित कुल 4 पिस्टल और जिन्दा कारतूस मिले हैं। सूत्रों के अनुसार राजस्थान में फायरिंग की घटना को अंजाम देने के लिए यह हथियार आए थे।
पुलिस ने गुलाब सिंह पुत्र लालसिंह को 18 जून की सुबह 6 बजे और प्रदीप मंडीवाल पुत्र श्रीचंद मंडीवाल को 18 जून को देर रात घर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर इन्वेस्टीगेशन शुरू कर दिया है। मामले में तीसरे आरोपी मनोज थालौड़ को पुलिस ने शुक्रवार (19 जून) शाम को पकड़ा है, जिसने गुलाब सिंह का राहुल रिणाऊ से कांटेक्ट करवाया था।
दरअसल, 17 जून को देर रात सीकर पुलिस को AGTF टीम से इनपुट मिला कि सीकर में कोतवाली पुलिस थाने से करीब 150-200 मीटर दूर विष्णुधाम अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 401 में एक युवक है। जिसके पास हथियार और कारतूस हो सकते हैं।
इस सूचना पर AGTF टीम के साथ सीकर कोतवाली पुलिस कॉन्स्टेबल महावीर, दिनेश, हरीश मौके पर पहुंचे। जहां उन्हें फ्लैट में रोरु बड़ी का रहने वाला गुलाब सिंह पुत्र लालसिंह मिला।
इसके पास एक जिगाना सहित 2 पिस्टल और कई जिंदा कारतूस मिले। इन्हें पुलिस ने जब्त कर आर्म्स एक्ट, संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की जांच सीकर के दादिया थाना SHO संजय पूनियां को दी गई। जब इन्होंने आरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के खूड़ी बड़ी के रहने वाले प्रदीप मंडीवाल पुत्र श्रीचंद मंडीवाल के घर भी हथियार हैं।
प्रदीप ने पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश
यह इनपुट SHO संजय पूनियां ने लक्ष्मणगढ़ पुलिस से शेयर किया। पुलिस टीम जब प्रदीप के घर पर गई तो वहां पर प्रदीप मिला। पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे दबोच लिया। जिसने बताया कि उसने अपने कमरे में पलंग के नीचे हथियार छिपाए हुए हैं।
इसके बाद जब पुलिस टीम ने तलाशी ली तो वहां पलंग के नीचे बक्से और प्लास्टिक के कट्टे की आड़ में एक सिल्वर कलर का पतीला मिला। जिसमें कुछ सामान रखा हुआ था। जब उस सामान की तलाशी ली गई तो उसमें से 2 पिस्टल और करीब 20 कारतूस मिले। जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके बाद जब प्रदीप मंडीवाल से पूछताछ की गई तो उसने पुलिस को पूरी कहानी बताई।
एक गेमिंग ऐप का एड आया
प्रदीप ने पुलिस को बताया कि करीब ढाई से तीन महीने पहले वह इंस्टाग्राम पर रील्स देख रहा था। इसी दौरान एक गेमिंग एप का एड आया। जैसे ही प्रदीप ने उस पर क्लिक किया तो टेलीग्राम ओपन हो गया। जो कांटेक्ट खुला उस पर प्रदीप ने हाय, हेलो का मैसेज कर दिया। 2 से 3 दिन बाद प्रदीप के पास रोहित गोदारा गैंग के गैंगस्टर राहुल रिणाऊ का कॉल आया।
ऐसे में प्रदीप की राहुल से बातचीत होना शुरू हो गई। फिर प्रदीप की राहुल से टेलीग्राम पर बातचीत होना शुरू हो गई। राहुल के जरिए ही प्रदीप की बात गोदारा गैंग के वीरेंद्र चारण से हुई। राहुल ने इंस्टाग्राम पर जय भोले के नाम से अपनी आईडी बना रखी थी।
बातचीत में राहुल प्रदीप से पूछने लगा कि क्या तुम बन्ना लोसल और महेंद्र सालासर को जानते हो? इस पर प्रदीप ने मना कर दिया। फिर करीब 20 से 25 दिन बाद राहुल ने प्रदीप को कहा कि क्या तुम हथियार सप्लाई करने का काम कर दोगेया। राहुल ने प्रदीप को पैसों का भी लालच दिया।
राहुल का टेलीग्राम पर कॉल आया
प्रदीप मंडीवाल स्मैक के नशे का आदि था और उसे भी गैंगस्टर बनने का शौक था। इसलिए उसने हथियार सप्प्लाई करने के लिए हां कर दी। फिर 2 जून की रात करीब 9 बजे प्रदीप मंडीवाल के पास राहुल का टेलीग्राम पर कॉल आया। तब राहुल ने कहा कि तुम्हें बाबूलाल निवासी सवाईमाधोपुर काफी संख्या में हथियार और कारतूस देकर जाएगा। बाबूलाल सीकर के सांवली सर्किल के पास तुम्हें सामान देकर जाएगा।
पैकेट में 4 पिस्टल और 63 कारतूस थे
ऐसे में प्रदीप रात को 12 से 1 बजे के बीच अपनी मोटरसाइकिल से सीकर के सांवली सर्किल पर पहुंच गया। सुबह करीब 5 बजे बस से आकर बाबूलाल ने प्रदीप मंडीवाल को हथियारों का पैकेट दे दिया। पैकेट में कुल 4 पिस्टल और 63 कारतूस थे।
इसके अलावा प्रदीप के लिए 18 हजार रुपए भी थे। उन्हें लेकर प्रदीप मंडीवाल अपने घर पर आ गया। वीरेंद्र चारण और राहुल रिणाऊ ने प्रदीप को कहा कि किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए यह हथियार गैंगस्टर सागर ने बाबूलाल के जरिए यहां पर भिजवाए हैं।
हाईप्रोफाइल लोगों को मिल चुकी धमकियां
इसके बाद 15 जून की रात करीब 10:15 राहुल रिणाऊ के कहने पर प्रदीप मंडीवाल 2 पिस्टल और 43 कारतूस लेकर रसीदपुरा टोल के आगे रूरल बस स्टैंड के टीनशेड के नीचे आकर रुका। जहां उसने दोनों पिस्टल और कारतूस गुलाब सिंह को दे दिए। वीरेंद्र चारण और राहुल रिणाऊ लगातार प्रदीप को कह रहे थे कि तुम्हे कोई टास्क देंगे। उसे पूरा करने पर तुम्हें मोटा पैसा मिलेगा।
दरअसल, सीकर में पिछले करीब 2 साल से लगातार रोहित गोदारा गैंग की ओर से ज्वेलर सहित कई हाईप्रोफाइल लोगों को धमकियां मिल चुकी थीं। हालांकि बेहद कम लोगों ने इन्हें फिरौती दी थी। ऐसे में इस बात से भी नहीं नकारा जा सकता कि रोहित गोदारा गैंग फायरिंग जैसी किसी घटना को अंजाम देने वाली थी।