‘जाट हिंदू नहीं’, मौलाना के बयान से गुस्सा, कहा- बुद्धि कर देंगे ठीक

मुज़फ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मौलाना खलील रहमान सज्जाद नोमानी के विवादित बयान के बाद पश्चिमी यूपी में जाट महासभा में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। महासभा मौलाना द्वारा जाट समेत सिख, बौद्ध , आदिवासी, दलित, लिंगायत ओर तमिलनाडु के लोगों को हिंदू न बताने पर भड़की हुई है। जाट महासभा सहित सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मौलाना से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को भी कहा है।

धर्मवीर बालियान मौलाना पर भड़के
अखिल भारतीय जाट महासभा के नेता धर्मवीर बालियान ने मौलाना के विवादित बयान पर आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा कि मौलाना पहले जाटों का इतिहास उठाकर देख लें। धर्मवीर बालियान ने कहा कि मैं तो ये कहूंगा कि मौलाना का दिमाग खराब है, जो व्यक्ति किसी समाज के बारे में ABCD न जानता हो और अपने को अध्यक्ष बता रहा हो। उन्होंने कहा कि मौलाना साहब ने जो शब्द कहे हैं, उसे वापस ले लो और माफी मांग लो।

‘मौलाना माहौल बिगाड़ने का काम न करें’
धर्मवीर बालियान ने कहा कि मौलाना देश और प्रदेश में माहौल बिगाड़ने का काम न करें। इस समय सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा है। 2013 में दंगे हुए थे। उसमें बहुत सारे लोगों के घर बर्बाद हुए थे, वो भी ऐसे ही लोगों ने करवाए थे। मौलाना साहब कह रहे हैं कि मैंने बहुत अध्ययन किया है, तो मौलाना साहब ये अध्ययन अपनी कौम अपने समाज पर कर लो।

मौलाना ही मुसलमान नहीं हैं- मोनू मलिक
वहीं, राष्ट्रीय निशानेबाज मोनू मलिक ने कहा कि एक मौलाना द्वारा जाट समाज के ऊपर बयान दिया गया है कि जाट समाज हिन्दू नहीं है, तो क्या मौलाना जाट समाज को सर्टिफिकेट बांटने का काम करेगा। जाट समाज के कितने पुराने इतिहास हैं, इसे बारे में पता करके देखो। मुझे तो ये लगे कि मौलाना ही मुसलमान नहीं है, पहले ये अपना सर्टिफिकेट दें। जाट समाज ने बड़ी-बड़ी लड़ाइयां लड़ी हैं। ये मौलाना धर्म और हिंदू समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।