राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आबूराज में योग किया. साथ ही उन्होंने आबूराज में 74 करोड़ रुपये से अधिक के, 41 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया. धन्यवाद सभा एवं संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है.
इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग को देश की सीमाओं के पार पहुंचाने का प्रयास किया. इसका श्रेय उन्हें जाता है. उनके दूरदर्शी प्रयासों और वैश्विक कूटनीति की बदोलत योग को संयुक्त राष्ट्र से मान्यता मिल चुकी है. उन्होंने आगे बताया कि सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अपने पहले संबोधन में पीएम मोदी ने दुनिया को योग से परिचित कराया और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया.
पीएम मोदी के नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र में पेश किया प्रस्ताव
सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश किया. इस पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के रूप में घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत अध्यात्मिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व का सम्मान है. आज योग विश्वव्यापी जनआंदोलन बन चुका है. पीएम मोदी कहते हैं जैसे योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को जोड़ता है वैसे ही योग आज विश्व को भी जोड़ रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि इसी मंत्र को साकार करते हुए योग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाकर भारत ने सॉफ्ट पावर के रूप में पहचान बनाई है. साथ ही योग को कर्मयोग से जोड़कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के तौर पर विकास की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है. उन्होंने आगे कहा कि नई दिल्ली में पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने 35 हजार से ज्यादा लोगों के साथ योग कर विश्व रिकॉर्ड बनाया.
उन्होंने आगे कहा, “राजस्थान को भी योग में विशेष पहचान मिली है. साल 2018 में कोटा में 1 लाख 5 हजार से ज्यादा लोगों ने एक साथ योग कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. मुझे गर्व है कि साल 2025 में योग संगम पोर्टल पर 85 लाख से ज्यादा प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ राजस्थान पूरे देश में पहले स्थान पर रहा.
माउंट आबू को लेकर सीएम ने की ये घोषणा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ऑफिस द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी गई. जिसमें बताया गया कि सिरोही के आबूराज में 74 करोड़ रुपये से अधिक के 41 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया. धन्यवाद सभा एवं संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है.
सीएमओ द्वारा आगे बताया गया कि इसी भावना के अनुरूप आबूपर्वत का नाम आबूराज पुनःस्थापित किया गया है. आबूराज केवल नाम परिवर्तन नहीं है यह हमारी संस्कृति, विरासत के साथ-साथ जनता की आस्था, संत समाज की भावना का सम्मान है. कार्यक्रम में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम, महंत प्रतापपुरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आमजन उपस्थित रहे.