हिसार की छात्रा सिमरन ने की खुदकुशी, पिता बोले-“NEET परीक्षा रद्द होने से तनाव में थी”

हिसार:हिसार के बरवाला क्षेत्र के गांव ढाणी खान बहादुर की 19 वर्षीय छात्रा सिमरन की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है. परिजनों के अनुसार सिमरन ने खुदकुशी कर ली. उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और अंतिम संस्कार कर दिया गया.

डॉक्टर बनने का सपना रह गया अधूरा: सिमरन बचपन से डॉक्टर बनना चाहती थी. उसने दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक हासिल किए थे. हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर कोर्स के लिए उसका चयन भी हो गया था, लेकिन उसने एमबीबीएस करने का सपना नहीं छोड़ा. इसी लक्ष्य को लेकर वह राजस्थान के सीकर में दो वर्षों तक कोचिंग करती रही और लगातार NEET की तैयारी में जुटी रही.

पिता बोले-“NEET परीक्षा रद्द होने से तनाव में थी”
परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ा मानसिक दबाव: परिजनों का कहना है कि NEET परीक्षा रद्द होने के बाद सिमरन काफी तनाव में रहने लगी थी. वह तीसरी बार परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी. घटना वाले दिन उसके पिता ड्यूटी पर थे. कुछ देर बाद सूचना मिली कि सिमरन की तबीयत बिगड़ गई है. अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत की पुष्टि हुई. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

पिता बोले-“डॉक्टर बनना चाहती थी मेरी बेटी”: मृतका के पिता रोहताश कुमार ने कहा, “मेरी बेटी का सपना डॉक्टर बनने का था. उसने पढ़ाई में हमेशा अच्छे अंक हासिल किए. हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में दाखिला मिलने के बावजूद उसने कहा कि उसे एमबीबीएस ही करना है. परीक्षा रद्द होने के बाद वह काफी परेशान रहने लगी थी. कोचिंग और रहने-खाने पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं. हम चाहते हैं कि बच्चे किसी भी परिस्थिति में निराश होकर ऐसा कदम न उठाएं.”

ग्रामीणों ने उठाए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल: ग्रामीणों ने इस घटना पर दुख जताते हुए परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए. ग्रामीण सुभाष ने कहा, “पेपर रद्द होने से कई विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ा है. सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना चाहिए.” वहीं ग्रामीण देशराज ने कहा, “सिमरन का सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका. पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े.”

छोटा भाई भी कर रहा है प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी: परिजनों ने बताया कि सिमरन का छोटा भाई भी राजस्थान के सीकर में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा है. परिवार का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए उन्होंने अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च किया. गांव में सिमरन की मौत के बाद शोक का माहौल है और लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं.