उत्तराखंड STF का पश्चिम बंगाल में एक्शन, ₹25 लाख की साइबर ठगी मामले में दो आरोपियों को दबोचा

देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने 25 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी के मामले में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्य को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग डीटेल साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे. जांच में आरोपियों के खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन और संगठित साइबर अपराध में सक्रिय भूमिका के सबूत मिले हैं.

दरअसल, देहरादून निवासी ने साइबर ठगी के संबंध में मार्च में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर परिवर्तित कर उनकी कंपनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपए हड़प लिए हैं. शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था.

साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जांच के दौरान मिले डेटा को चेक करने पर आरोपियों के तार पश्चिम बंगाल से जुड़ते दिखे. इसके बाद 14 जून को पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई. पुलिस टीम ने 18 जून को मुखबिर की सूचना पर 24 परगना, पश्चिम बंगाल से दो आरोपी तपन बिस्वास और उत्तम कुमार दास को गिरफ्तार किया.

आरोपियों के कब्जे से 13 डेबिट कार्ड, 3 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, बैंक खातों से संबंधित पासबुक, चेकबुक और ब्लैंक चेक विभिन्न बैंकों के खाता खोलने के फॉर्म और दस्तावेज बरामद किए गए.

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग डीटेल साइबर ठगों को उपलब्ध कराना, जिसमें आरोपी उत्तम कुमार दास द्वारा भी अपने नाम से कई बैंक खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना स्वीकार किया है.

जांच में पाया गया कि आरोपी तपन बिस्वास द्वारा संदिग्ध बैंक खाते का संचालन कर साइबर ठगी की धनराशि के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही थी. उत्तम कुमार दास के बैंक खाते में पीड़ित की ठगी गई धनराशि की दूसरी लेयर में ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं. दोनों आरोपी संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करते थे. आरोपियोंके खिलाफ नियम अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. बरामद सामग्री को विधिवत सील कर कब्जे में लिया गया है और मामले की जांच जारी है.
-अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ-