मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने शुरू की प्रमोशन की तैयारी, 29 जून को बुलाई 20 विभागों की बैठक

भोपाल: मध्य प्रदेश के करीब 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। हाईकोर्ट में लंबे समय से लंबित पदोन्नति विवाद के बावजूद, राज्य सरकार ने राज्य में प्रमोशन की रुकी हुई प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्य सचिव के कड़े निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग पूरी तरह एक्टिव हो गया है। विभाग ने आगामी 29 जून को 20 प्रमुख विभागों के अधिकारियों की एक हाई-लेवल बैठक बुलाई है, ताकि क्रेडर डिटेल्स और प्रमोशन के मानदंडों को अंतिम रूप दिया जा सके।

साल 2016 से अटका है मामला
मध्य प्रदेश में साल 2016 से प्रमोशन की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरक्षण विवाद के कारण पूरी तरह ठप पड़ी थी। गतिरोध को तोड़ने के लिए सरकार ने 17 जून 2025 को ‘मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025’ को मंजूरी दी थी। हालांकि, इसे जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाल ही में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है, जिन्होंने हरी झंडी देते हुए कहा है कि क्योंकि हाईकोर्ट ने नए नियमों पर कोई सीधा स्टे नहीं लगाया है, इसलिए सरकार इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

कर्मचारी संगठनों ने खड़े किए सवाल
सरकार के इस कदम से जहां युवाओं के लिए नए रोजगार और भर्ती के रास्ते खुलेंगे, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों ने इस पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। संगठनों का कहना है कि सरकार ने पहले कोर्ट को कुछ और आश्वासन दिया था।

विभागों को निर्देश: सभी 20 विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 29 जून की बैठक में अपने क्रेडर, स्वीकृत पदों, प्रमोशन की योग्यताओं और खाली पदों का पूरा ब्योरा लेकर आएं।
असर: इस फैसले से न केवल प्रशासनिक स्तर पर खाली पद भरे जाएंगे, बल्कि पिछले एक दशक से अपनी बारी का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।