करनाल:जिला पुलिस ने कुटेल बाइपास के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और एक गाड़ी बरामद की गई है. पुलिस का दावा है कि आरोपी हरियाणा और पंजाब में दो बड़ी हत्याओं की साजिश रच रहे थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया.
गुप्त सूचना पर घेराबंदी, पांच आरोपी दबोचे:सीआईए-1 के इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि “29 जून को पुलिस टीम गश्त पर थी. इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ बदमाश भारी हथियारों के साथ कुटेल बाइपास की ओर आने वाले हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया. हालांकि परमीत नाम का एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है.”
संदीप कुमार, इंचार्ज सीआईए-1 करनाल
भारी मात्रा में हथियार बरामद:पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा एक गाड़ी भी जब्त की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में हथियार बरामद होना किसी गंभीर आपराधिक साजिश की ओर इशारा करता है.
ये आरोपी आए पुलिस गिरफ्त में:गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन निवासी कलानौर, जतिन निवासी कलानौर, राहुल निवासी खरखौदा, नवदीप निवासी मेहलापुर और कपिल निवासी मेहलापुर के रूप में हुई है. वहीं हथियार सप्लाई करने वाले आकाश को भी खरखौदा से गिरफ्तार किया गया है. फरार आरोपी परमीत की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.
पूर्व एमसी पवन पर हत्या की साजिश का आरोप: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पवन कलानौर में वर्ष 2013 में एमसी रह चुका है और बाद में प्रधान भी रहा. पुलिस के अनुसार वर्ष 2017 में विरोधी पक्ष के अवतार कालिया के साथ हुए विवाद और हमले के बाद से वह रंजिश रखे हुए था. इसी रंजिश के चलते वह अपने साथियों के साथ मिलकर अवतार कालिया की हत्या की योजना बना रहा था.
पंजाब में भी टारगेट था तय:पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पंजाब में चंदू फिरोजपुरिया नामक व्यक्ति की हत्या की साजिश भी रच रहे थे. पुलिस की कार्रवाई से दोनों संभावित वारदातों को समय रहते रोक लिया गया.
गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े मिले तार:प्राथमिक जांच में आरोपियों के तार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े मिले हैं. पुलिस के अनुसार मनीष और अमर नाम के अपराधियों के जरिए इनका संपर्क गैंग से हुआ था. मनीष डबल मर्डर केस में दोषी बताया गया है, जबकि अमर सजा के दौरान पैरोल पर आने के बाद फरार हो गया था.
तीन दिन के रिमांड पर होंगे आरोपी:पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है. सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की गई है. अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान गैंग के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य संभावित वारदातों को लेकर कई अहम खुलासे हो सकते हैं.