बंगाल से कश्मीर तक मानसून पट्टी बनीः इस तारीख से शुरु होगी भारी बारिश

मानसून ने मंगलवार दोपहर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में एंट्री कर ली है। देश में अब तक 26 राज्यों को कवर कर लिया है। इससे पहले 24 जून को मध्य प्रदेश-गुजरात में एंट्री ली थी। इसके बाद 6 दिन अटका रहा। इससे कई राज्यों में गर्मी और उमस बनी हुई है।

उधर, दिल्ली और उत्तर भारत के लिए राहत की खबर आ रही है। सैटेलाइट तस्वीरों में करीब 1,500 किमी लंबी मानसून ट्रफ (कम दबाव की लंबी पट्टी) बनती हुई दिखाई दी है। यह उत्तरी बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ट्रफ बन चुकी है, लेकिन फिलहाल यह हिमालय की तलहटी (फुटहिल्स) के करीब स्थित है। यह ट्रफ धीरे-धीरे दक्षिण की ओर अपनी सामान्य स्थिति में पहुंचेगी, उत्तर भारत में बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर 1 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है।

समझें, मानसून ट्रफ क्या होती है

मानसून ट्रफ कम दवाब क्षेत्र की एक लंबी पट्टी होती है, जिसे दक्षिण-पश्चिम मानसून की रीढ़ माना जाता है। यह ट्रफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी से भरी हवाओं को भारत के अंदरूनी हिस्सों तक खींचकर लाती है। इसी वजह से देश के कई इलाकों में बारिश होती है।

असम में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल में बारिश से लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई। नेशनल हाईवे-515 भी डूब गया।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, बाढ़ से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 96 गांव डूब गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसल और 48 हजार से ज्यादा जानवर प्रभावित हुए हैं।