सिया-केतन केस ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ गुण मिलान से वैवाहिक जीवन सफल हो सकता है? हालांकि सिया-केतन केस के तथ्यों पर कोई ज्योतिषीय निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है लेकिन दोनों की कुंडली में 27 गुण मिलने की चर्चा के बीच हमने ज्योतिषाचार्य से बात की और जाना कि केवल गुण मिलान को विवाह की सफलता की गारंटी क्यों नहीं माना जा सकता है.
आखिर शादी के समय लड़का-लड़की की कुंडली मैच करने के अलावा किन ग्रह योगों और दोषों को देखना जरूरी है. क्योंकि सामान्य वैदिक ज्योतिष में 36 में से 27 गुण मिलना अच्छा माना जाता है. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या केवल गुण मिलान ही विवाह की सफलता के लिए पर्याप्त है? इसी विषय पर ज्योतिषाचार्य का सामान्य दृष्टिकोण जानते हैं.
अन्य योग-दोष देखना जरूरी
वैदिक ज्योतिष में कई ऐसे कुंडली के कई ऐसे योगों और दोषों के बारे में बताया गया है, जो संकेत देते हैं कि विवाह के बाद समस्या हो सकती है. साथ ही उनसे बचाव के उपाय भी बताए गए हैं, जो कुछ मामलों में कारगर भी साबित होते हैं.
सिर्फ गुण मिलना काफी नहीं
इस मामले में वरिष्ठ एवं अनुभवी ज्योतिषाचार्य श्याम ठाकुर का कहना है कि शादी के लिए लड़का-लड़की के केवल गुण मिलान के आधार पर फैसला नहीं लिया जाना चाहिए. बल्कि पूरी कुंडली का विश्लेषण करना चाहिए. कुंडली में शुक्र, मंगल समेत अन्या ग्रहों की स्थिति देखनी चाहिए. खास करके क्रूर ग्रह जैसे राहु, शनि की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
जैसे- शनि मंगल या शनि सूर्य की युति सप्तम भाव में हो या सप्तम भाव पर दृष्टि एकसाथ पड़े तो इस घटना जैसे भयानक हादसे हो सकते हैं. वहीं जातक की कुंडली में क्रूर ग्रहों की महादशा और अंतरदशा हो तो भी वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकता है.
वहीं कुंडली का 12वां भाव जेल या बंधन बताता है. 6, 8, 12 भाव में क्रूर ग्रहों का होना अलग-अलग मामलों में खतरनाक माना जाता है. ये ज्योतिष आचार्य के विश्लेषण का विषय है.
स्थिति अलग हो सकती थी…?
यदि कुंडली के ग्रहों का अच्छी तरह विश्लेषण किया जाता तो क्या केतन की जान बच सकती थी? इस पर ज्योतिषाचार्य श्याम ठाकुर कहते हैं कि यदि सही तरीके से एनालिसिस किया जाता तो आज चीजें अलग होतीं क्योंकि कुंडली मिलान करने वाले ज्योतिषाचार्य में कोई कमी हो सकती है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में कोई कमी नहीं है.
शादी के लिए कुंडली मैच का सही तरीका क्या है?
यदि ज्योतिष में विश्वास करते हैं और शादी से पहले कुंडली मिलाना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें.
– केवल ऑनलाइन एप या अन्य सॉफ्टवेयर्स के जरिए लड़का-लड़की की जन्मतारीख, समय और स्थान की जानकारी डालकर कुंडली मैच करना काफी नहीं है. शादी के लिए लड़का-लड़की की कुंडली के सारे ग्रहों का विश्लेषण करें. क्योंकि गुण मिलान बेहद सतही जानकारी है.
– गुणों में नाड़ी (सेहत) , मैत्री (कम्पैटिबिलिटी) , भकूट (प्यार) का मिलना बहुत जरूरी है. केवल गुणों की संख्या पर न जाएं.
– गुण मिलान वैदिक ज्योतिष का सामान्य दृष्टिकोण है, बेहतर नतीजों के लिए ज्योतिष विशेषज्ञ की मदद लें.
बता दें कि पुणे के इस चर्चित मामले में पुलिस की तफ्तीश जारी है. पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है. ताजा अपडेट के अनुसार ग्रामीण पुलिस आरोपी चेतन चौधरी को क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन और उसकी चाल-ढाल का विश्लेषण (gait analysis) करने के लिए पुणे के लोहागढ़ किले ले गई है. वहीं दूसरी आरोपी सिया के लिए क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन का काम पहले ही पूरा हो चुका है.