राजस्थान में मानसून आते ही आफत! इन जिलों में ‘अति भारी’ बारिश का अलर्ट

जयपुर: राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। तपती गर्मी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सामान्य से 7 दिन की देरी से आज, 2 जुलाई 2026 को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने आगामी 2-3 दिनों में राज्य के कई और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बताई हैं।

20 से अधिक जिलों में बदलने वाला है मौसम
मौसम केंद्र जयपुर द्वाराजारी की गई तात्कालिक चेतावनी के अनुसार, आगामी 3 घंटों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मौसम बदलने वाला है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, नागौर, अजमेर, ब्यावरा, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, करौली, पाली और राजसमंद जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की प्रबल संभावना है।

कोटा संभाग में ‘अतिभारी’ और अन्य हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से कोटा संभाग के जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जहां कुछ स्थानों पर ‘अतिभारी’ बारिश का अनुमान जताया गया है।

आगामी दो सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान (3 से 16 जुलाई 2026)
मौसम विभाग ने आगामी दो हफ्तों के लिए वर्षा का विस्तृत रोडमैप जारी किया है।

पहले सप्ताह में मानसून रहेगा सक्रिय: जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ भागों में आगामी 5 से 7 दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश होने की चेतावनी है।

पश्चिमी राजस्थान में बढ़ेगी आंधी-बारिश: मरुधरा के आंचल यानी पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी आगामी दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।

दो हफ्तों का ट्रेंड: जुलाई के प्रथम और द्वितीय सप्ताह के दौरान दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है, जबकि राज्य के शेष अधिकांश भागों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य के आसपास बना रहेगा।

कहां कितनी हुई बारिश, टोरडी सागर में बरसे 4 इंच पानी
मानसून की एंट्री के साथ ही जयपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, अलवर, अजमेर, प्रतापगढ़, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, भरतपुर और उदयपुर सहित 10 से ज्यादा जिलों में जोरदार बरसात हुई है।
टोंक: यहां के टोरडी सागर में सबसे ज्यादा 4 इंच (100 मिमी) से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
चित्तौड़गढ़: जिले में एक से डेढ़ इंच तक बारिश दर्ज हुई है।
अलवर: तेज बारिश के बाद यहाँ की रूपारेल नदी में पानी बहने लगा है।
सीकर (नीमकाथाना): सुबह 8 से 11 बजे तक हुई तेज बारिश से श्याम मंदिर कॉलोनी, बुगदा और शाहपुरा रोड पर घुटनों तक पानी भर गया।
उदयपुर: खेरवाड़ा के पास छाणी गांव में सड़कों पर पानी बहने लगा, वहीं ऋषभदेव में आधे घंटे तक अच्छी बरसात हुई।
अजमेर और दौसा: अजमेर में दोपहर बाद मौसम बदला और बारिश हुई, जबकि दौसा के कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।