छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम, मदरसा बोर्ड खत्म करने की तैयारी शुरू; मांगा ड्राफ्ट

Chhattisgarh Madrasa Board: उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार भी मदरसा बोर्ड को खत्म करने की तैयारी में है. इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम का ड्राफ्ट मांगा है. सरकार अब इस मसले पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर विचार कर रही है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार यह जानना चाहती है कि उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को खत्म करने के लिए किन कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया और इस प्रोसेस में किन-किन नियमों का पालन किया गया. इसके लिए उत्तराखंड सरकार से संबंधित डॉक्यूमेंट और कानून का मसौदा साझा करने का अनुरोध किया गया है.

मदरसा बोर्ड को खत्म करने का फैसला
उत्तराखंड सरकार ने पहले ही मदरसा बोर्ड को खत्म करने का फैसला लिया था. सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और एक समान बनाने के मकसद से यह कदम उठाया गया. वहीं, इस फैसले को लेकर अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी राय रख रही है. कुछ लोगों ने इसे शिक्षा सुधार की दिशा में जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ ने इस पर आपत्ति भी जताई है.

अब छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी मॉडल की स्टडी कर रही है. अगर सरकार आगे बढ़ती है, तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी और संबंधित विभागों से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि सभी पहलुओं की स्टडी करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा.

कानूनी दस्तावेजों का होगा अध्ययन
इस पूरे मामले पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है. वहीं, समर्थकों के मुताबिक, सभी छात्रों को समान और एडवांस एजुकेशन मिलनी चाहिए, जबकि विरोध करने वाले पक्ष का मानना है कि धार्मिक और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के अधिकारों का भी सम्मान किया जाना चाहिए.

फिलहाल, छत्तीसगढ़ सरकार उत्तराखंड से मिले कानूनी दस्तावेजों का अध्ययन करेगी. इसके बाद यह तय होगा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को लेकर आगे क्या कदम उठाए जा सकता हैं.