मसूरी देहरादून हाइवे पर ट्रैफिक बंद; पानी वाले बैंड पर भारी लैंडस्लाइड

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मानसून ने अब अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार को मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास हुए भारी भूस्खलन ने न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया, बल्कि लोक निर्माण विभाग की ओर से हाल ही में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भूस्खलन के कारण मुख्य सड़क का आधे से अधिक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही खतरे के बीच संचालित करनी पड़ रही है।

जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहले एहतियातन बड़े वाहनों के मसूरी आने-जाने पर अस्थायी रोक लगा दी थी। छोटे वाहनों को वन-वे व्यवस्था के तहत नियंत्रित तरीके से निकाला जा रहा था। हालांकि, अब सड़क पर ट्रैफिक को पूरी तरह से रोकने का आदेश जारी कर दिया गया है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पहली ही बारिश में हुआ ध्वस्त
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2025 की आपदा के बाद इस स्थान पर सड़क और सुरक्षा पुश्ते के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। उद्देश्य था कि भविष्य में भूस्खलन से सड़क को सुरक्षित रखा जा सके। मानसून की पहली बड़ी बारिश में ही सड़क का हिस्सा धंस गया और पुश्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

उपजिलाधिकारी का आया आदेश
मसूरी-देहरादून हाइवे पर ट्रैफिक को बंद किए जाने का आदेश उपजिलाधिकारी के स्तर पर आया है। आदेश में कहा गया है कि सोमवार को भारी बरिश के कारण देहरादून-मसूरी मेन रूट पर पानी वाले बैंड के पास रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। इस मामले में आम लोगों की सुरक्षा एवं जान-माल की हानि की आशंका को देखते हुए सड़क को अगले आदेश तक आवाजाही के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इस रास्ते पर किसी भी प्रकार का ट्रैफिक बंद किया जाता है।

मौके पर पहुंचीं पालिका अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत एवं सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मीरा सकलानी ने कहा कि नगर पालिका और जिला प्रशासन मानसून आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। कहीं भी आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।

पूर्व विधायक ने लगाए आरोप
घटना को लेकर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मात्र छह महीने पहले बने सड़क और पुश्ते का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाना गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के बजाय भ्रष्टाचार को प्राथमिकता दी गई है।

गुनसोला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मानसून में बढ़ी चुनौती
मौसम विभाग की ओर से आने वाले समय में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्थित अन्य संवेदनशील स्थानों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। वहीं, सड़क धंसने की घटना ने पीडब्लूडी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।