महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से अंधविश्वास से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक महिला और उसके परिवार को टोनही-टोनहा बताकर प्रताड़ित कर उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया. पुलिस ने इस मामले में 23 लोगों पर केस दर्ज किया है. पुलिस ने बागबाहरा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के आदेश पर केस दर्ज किया है. मामले की जांच जारी है. मिली जानकारी के अनुसार, मामला पिथौरा चौक वार्ड नंबर 9 का है. पीड़िता ने बताया कि आरोपी लंबे समय से उसके परिवार को टोनही-टोनहा बताते आ रहे हैं. वे लोग बदसलूकी करते हैं. गाली-गलौज देते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं. उनके परिवार पर कॉलोनी छोड़ने का दबाव बनाया गया. दुकानदारों पर दबाव डालकर उन्हें हमें राशन देने तक से मना किया गया. पीड़िता का आरोप है कि वह शिकायत लेकर बागबाहरा थाने पहुंचीं लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. जिसके बाद वह कोर्ट की शरण में पहुंचीं. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 24 जुलाई को केस दर्ज कर लिया है.
पुलिस ने देव कुमार, पुनाराम मरकाम, तुलसी मरकाम, पुष्पा मरकाम, आरती, फिरन मरकाम, कुलेश मरकाम, घनश्याम मरकाम उर्फ ठेकला, जयपवन उर्फ तेली, भगवान दास, सुशील, भारत, केशर, सोनिया, बुग्गी सोनवानी, पायल, जयकुमारी, रूबी, रितेश, भेखराम, देवदास, लव और कुश को आरोपी बनाया है. इन सभी पर छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 4 और 5 और BNS की 115 (2), 296, 351, 74, 79 और 3 (5) के तहत केस दर्ज किया है. मामले की जांच जारी है.
टोनही प्रताड़ना के 1350 से ज्यादा केस
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2017 से 2025 के बीच टोनही के संदेह में प्रताड़ना और मारपीट के लगभग 1350 मामले दर्ज हुए. पुराने मामलों को मिला दें, तो यह आंकड़ा 3000 के पार पहुंच जाता है.
छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 लागू है. मानव बलि, हत्या और किडनैपिंग में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है. राज्य में 2021 से 2025 के बीच जादू-टोने और अंधविश्वास की वजह से 83 लोगों की मौत हो चुकी है. NCRB के साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में तंत्र-मंत्र में हत्या के कुल 54 मामलों में से 10 मामले छत्तीसगढ़ के थे. इस तरह राज्य दूसरे नंबर पर है. पिछले साल ऐसे 12 मामले दर्ज हुए हैं.