शिमला: हिमाचल में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 से 30 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की ओर से दी गई चेतावनी के मुताबिक इस दौरान मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित रहने की आशंका है, जबकि शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा, सोलन और सिरमौर में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.
लगातार बारिश के मद्देनजर भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है. ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है. मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनी के अनुसार 26 जुलाई को मंडी और कुल्लू, 27 जुलाई को बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर जबकि 28 जुलाई को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 29 जुलाई को ऊना, कांगड़ा और सिरमौर और 30 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी.
भूस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने चेताया है कि लगातार बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन, यातायात बाधित होने, बागवानी और कृषि को नुकसान और आवश्यक सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है. ऐसे में इस दौरान लोगों को नदी-नालों और खड्डों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में आवाजाही से बचने, केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और प्रशासन व मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
जुलाई में मानसून का दमदार कमबैक
प्रदेश में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि बारिश का ग्राफ सामान्य से ऊपर पहुंच गया है. 1 जुलाई से 26 जुलाई तक प्रदेश में 224.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो इस अवधि के 210.9 मिलीमीटर सामान्य औसत से 6 फीसदी अधिक है. इस तरह से लगातार सक्रिय हो रहे मानसून ने जहां सूखे जैसे हालात की आशंकाओं को काफी हद तक खत्म कर दिया है, वहीं भूस्खलन, बाढ़ और सड़क बाधित होने जैसी चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो प्रदेश में सामान्य वर्षा का आंकड़ा और बेहतर हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ने की आशंका है.