मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए शहर के ऐतिहासिक शिव चौक मंदिर में जलाभिषेक की व्यवस्था को और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
अब भगवान शिव को श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किया जाने वाला जल, दूध, दही, शहद, गंगाजल और अन्य सभी तरल पदार्थ सीधे धरती के गर्भ में समा जाएंगे। इसके लिए रविवार को नगर पालिका परिषद की ओर से मंदिर परिसर में करीब 200 से 250 फीट गहरा और 6 इंच चौड़ा नया बोरिंग कराया गया है।
शिव चौक मंदिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में शामिल है। कांवड़ यात्रा के दौरान यहां प्रतिदिन हजारों शिवभक्त जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा में लगातार चलने वाले जलाभिषेक के दौरान बड़ी मात्रा में जल और अन्य पूजन सामग्री शिवलिंग पर अर्पित की जाती है। ऐसे में जल निकासी की व्यवस्था मंदिर प्रशासन के लिए हर वर्ष एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
रविवार शाम करीब 6 बजे मंदिर पुजारी ने बताया कि पहले मंदिर में 4 इंच चौड़ा बोरिंग बना हुआ था, लेकिन अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जाने के कारण वह बार-बार चोक हो जाता था।
इसके चलते जल निकासी प्रभावित होती थी और व्यवस्था संभालने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए इस बार नगर पालिका ने अधिक क्षमता वाला 6 इंच चौड़ा बोरिंग तैयार कराया है, जिसकी गहराई लगभग 200 से 250 फीट रखी गई है।
उन्होंने बताया कि अब भगवान शिव पर अर्पित होने वाला जल, दूध, दही, शहद, गंगाजल और अन्य तरल पदार्थ सीधे इस बोरिंग के माध्यम से भूगर्भ में पहुंचेंगे। इससे जल निकासी पहले की तुलना में अधिक तेज और सुचारु होगी तथा बोरिंग चोक होने की संभावना भी काफी कम रहेगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के शिव चौक पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन और मंदिर समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और मंदिर परिसर स्वच्छ एवं व्यवस्थित बना रहे।
नगर पालिका द्वारा कराई गई यह नई व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और लगातार होने वाले जलाभिषेक को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे न केवल जल निकासी की पुरानी समस्या दूर होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी पहले की अपेक्षा अधिक सुगम और व्यवस्थित दर्शन-पूजन का अनुभव मिलेगा।