बागपत में मारा गया सुशील मूंछ गिरोह का कुख्यात बदमाश विपुल, जानें ‘खूनी’ के एनकाउंटर की कहानी

बागपत। बागपत में सुशील मूंछ गिरोह का शूटर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। मारा गया बदमाश विपुल पश्चिम से पूर्वांचल के बदमाशों के गैंग से जुड़ा रहा। एसटीएफ मेरठ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस के साथ सैड़भर मार्ग पर सिंचाई विभाग के बंगले के पास मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने दो पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद की है।

एसटीएफ मेरठ और बागपत के सिंघावली अहीर थाना पुलिस की सैड़भर मार्ग पर सिंचाई विभाग के बंगले के पास शनिवार शाम सुशील मूंछ गिरोह के शॉर्प शूटर 50 हजार रुपये के इनामी विपुल उर्फ खूनी निवासी भभीसा जिला शामली के साथ मुठभेड़ हो गई। गोली लगने से विपुल उर्फ खूनी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल, कारतूस व खोखे और अपाचे बाइक बरामद की।

शामली जिले के भभीसा गांव के रहने वाले शूटर विपुल उर्फ खूनी के खिलाफ शामली, बागपत, दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी मांगने समेत अन्य अपराधों के 38 मामले दर्ज हैं। एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार विपुल ने कुख्यात सुशील मूंछ के गिरोह में शामिल होकर कई घटनाओं को अंजाम दिया।

जेल से करीब दो साल पहले जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल ने अपने गांव के ही हत्या के मामले में वादी अशोक कुमार से मुकदमे की पैरवी में खर्च हुए रुपये मांगने शुरू कर दिए। अशोक को रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी।

इसमें अशोक ने शामली जिले के कांधला थाने में इस साल ही अप्रैल में प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसमें पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इसके अलावा तारीख पर कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसके कई मामलों में गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे। वांछित चल रहे विपुल पर पुलिस ने शामली जिले से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कराया गया। उसकी तलाश में शामली पुलिस और मेरठ एसटीएफ लगी हुई थी।

एसपी के अनुसार शनिवार शाम को विपुल के सिंघावली अहीर-सैड़भर मार्ग पर अपाचे बाइक से जाने की जानकारी मिली। एसटीएफ मेरठ और सिंघावली अहीर पुलिस ने घेराबंदी की तो विपुल ने गोली चला दी।
वहां हुई मुठभेड़ में विपुल गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिसकर्मी जिला अस्पताल ले गए, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विपुल को छाती में तीन गोलियां लगी हैं और एक कनपटी छूकर निकली है।

मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी विपुल के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी मांगने समेत 38 मामले दर्ज हैं। यह सुशील मूंछ गिरोह का शॉर्प शूटर था। गांव में इसकी रंजिश भी चल रही थी और उस रंजिश में हत्या समेत कई घटनाएं कीं। -सूरज कुमार राय, एसपी।
पश्चिम से लेकर पूर्वांचल के बदमाशों के गिरोह से जुड़ा रहा विपुल
पुलिस के अनुसार विपुल ने शुरुआत में अपने गांव के ही बदमाश भीम के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बाद वह दिल्ली के चीनू पंडित के गिरोह से जुड़ गया। बाद में सुशील मूंछ गैंग में शामिल होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। फिर टीकरी के सुनील राठी गैंग में भी जुड़ रहा।

पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी के गैंग में शामिल होकर भी कई साल सक्रिय रहा। पूर्वांचल में भी कई घटनाओं में विपुल की भूमिका बताई गई, जिनके बारे में पुलिस जानकारी कर रही है। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या होने के बाद वह गैंग से दूर हो गया था। अब विपुल सोनीपत के बदमाशों से भी संपर्क साध रहा था। पुलिस की माने तो रुपयों के लालच में किसी भी घटना को अंजाम दे देता था।

छेड़छाड़ को लेकर हुआ था पहला झगड़ा
50 हजार रुपये के इनामी विपुल के परिजन देर रात पोस्टमार्टम हाउस पर आए। जहां चाचा योगेश ने बताया कि विपुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में तीन बहने है। विपुल शादीशुदा था, जिसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। योगेश ने बताया कि वर्ष 2005 में छेड़छाड़ को लेकर झगड़ा गया था। उसके बाद ही अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया।