कोख में बच्चा, 3 बेटियां और पत्नी; बीवी को लेकर दी गई उस धमकी के बाद काट दिया सबका गला

नई दिल्ली। आरोपी मुनचुन क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। कथित तौर पर वसूली के लिए आए एक कॉल में पत्नी और बच्चों को लेकर ऐसा कुछ कहा गया जिसके बाद उसने परिवार को खत्म कर देने की ठान ली।

दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में गर्भवती पत्नी और तीन बेटियों का गला काट देने वाले मुनचुन केवट ने गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह वह क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी की वजह से भारी कर्ज में आ गया था। इसे चुकाने के लिए उधार लिया और उसमें से भी एक लाख सट्टेबाजी में गंवा बैठा। फिर जब वसूली के लिए एक कॉल आया तो कथित तौर पर उसे कुछ ऐसी बातें कहीं गईं जिसके बाद उसने सबको खत्म कर देने का फैसला कर लिया। इस फोन कॉल के कुछ देर बाद ही वह 90 रुपये में कटलहल काटने वाला चाकू भी खरीदकर ले आया, जिससे पूरे परिवार की गर्दन, सांस नली तक काट डाली।

वह सिरसपुर के चंदन पार्क में किराये के एक कमरे में 3 बेटियों और पत्नी सं ग रहने वाला मुनचुन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने का काम करता था। वह जुए और सट्टेबाजी की लत में आ चुका था। वह क्रिकेट मैचों और अन्य खेलों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में उसे काफी घाटा हो चुका था जिसकी वजह से भारी भरकम कर्ज में था।

कर्ज चुकाने के लिए उधार, उसमें भी आधा जुए में हार गया
जांचकर्ताओं के अनुसार, मुनचुन ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिछले महीने उसने ससुरालवालों से 2 लाख रुपये उधार लिए। उसने 60 हजार रुपये मिथिलेश नाम के एक कर्जदाता को कुछ हिस्सा चुकाया और 40 हजार एक लहसन आपूर्तिकर्ता को दिए। लेकिन बाकी बचे एक लाख रुपये उसने फिर जुए में लगा दिए और हार बैठा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार बहुत ज्यादा कर्ज और आर्थिक संकट में था जिसकी वजह से घरेलू तनाव था।

फोन पर बीवी बच्चों को लेकर दी गई थी धमकी: मुनचुन
मुनचुन के मुताबिक, 23 फरवरी को मिथिलेश ने केवट को फोन किया था और सारा कर्ज चुकाने को कहा। दोनों के बीच फोन पर बहस और कहासुनी हुई। कथित तौर पर इस दौरान मिथिलेश ने केवट से कहा कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वह उसकी पत्नी अनीता (30) को अपने पास रख लेगा और बच्चों से भी काम करवाएगा। गुस्साए मुनचुन ने मिथिलेश का नंबर ब्लॉक कर दिया और खुद को और अपने पूरे परिवार को खत्म कर देने का फैसला कर लिया।

गला काटने से पहले होली शॉपिंग
उस दिन करीब एक बजे वह मंडी से एक चाकू खरीदकर लाया और घर में छिपाकर रख दिया। पुलिस के मुताबिक, उसने उसी रात वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग की थी लेकिन ऐसा नहीं कर सका। अगले दिन भी वह एक बजे ही घर आ गया। हर मंगलवार की तरह उस दिन भी वह व्रत में था। शाम को वह पत्नी और बेटियों को होली की खरीददारी के लिए भी ले गया। जब अनिता ने मुनचुन को बताया कि मिथिलेश ने उसे भी फोन किया था। इसके बाद पति-पत्नी के बीच रात साढ़े 11 बजे झगड़ा हुआ।

पहले पत्नी फिर बेटियों को काटा
मुनचुन उस रात सोया नहीं। सुबह करीब 4 बजे जब अनीता की आंख खुली तो उसने पति से पूछा कि वह सोया क्यों नहीं। तभी मुनचुन ने उस चाकू को निकाला और पत्नी के गले पर वार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच कुछ देर संघर्ष के निशान मिले हैं। मुनचुन ने पत्नी का गला बुरी तरह रेत डाला। इस दौरान आवाज सुनकर बड़ी बेटी जाग गई और रोने लगी। मुनचुन ने तब उसका भी गला काट दिया और दो और बेटियों का भी वही अंजाम किया। चूंकि अनीता दो महीने की प्रेग्नेंट थी, मुनचुन ने ‘गलाकाट कांड’ से कुल पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी का कहना है कि वह खुद को भी खत्म करना चाहता था, लेकिन ऐसा कर नहीं सका।

कैसे पकड़ा गया मुनचुन
वारदात को अंजाम देने के बाद वह अजमेर की तरफ भागा जहां वह पहले काम कर चुका था। वह अजमेर जाने वाली एक ट्रेन में सवार हुआ लेकिन वहां पहुंचने से पहले राजस्थान में किशनगढ़ स्टेशन पर उतर गया। इधर, स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) रविंद्र ने छह टीमों का गठन कर दिया था। पुलिस ने 72 घंटों में 800 सीसीटीवी कैमरों की जांच करते हुए पता लगाया कि वह किन-किन रास्तों का इस्तेमाल कर कहां गया है। किशनगढ़ में पकड़े गए मुनचुन ने बताया कि वहां वह मंडी में सोया और सड़क किनारे ठेलों से खाना खरीदकर पेट भरता रहा। यह भी पता चला है कि मुनचुन का नाम आदर्श नगर में एक चोरी में आया था। इसके अलावा वह सोशल मीडिया पर हथियार के साथ तस्वीरें भी डाल चुका था।