मुजफ्फरनगर। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की मौत की खबर से क्षेत्र के मुस्लिम समाज, विशेषकर शिया समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है। इस घटना के विरोध में रविवार को भोपा थाना क्षेत्र के गांव जौली में एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें अमेरिका और इजरायल की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
रविवार दोपहर शिया समाज के सैकड़ों लोग गांव स्थित छोटी मस्जिद पर एकत्र हुए। यहाँ से शुरू हुआ जुलूस गांव के मुख्य बाजार और विभिन्न रास्तों से होता हुआ कर्बला पहुँचा। जुलूस में पुरुष, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए, जो अपने हाथों में दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई के पोस्टर लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के विरुद्ध नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
जुल्म और बर्बरता के खिलाफ उठी आवाज
कर्बला में आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना अली मेहंदी और जहूर मेहंदी ने तीखे शब्दों में हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अनावश्यक युद्ध थोपकर निर्दोष नागरिकों और बच्चों की हत्या की है। वक्ताओं ने अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की मृत्यु को ‘शहादत’ करार देते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं बल्कि पूरी इंसानियत पर हमला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चाई के मार्ग पर चलने वालों को इतिहास में हमेशा कुर्बानी देनी पड़ी है।
शांतिपूर्ण समापन और श्रद्धांजलि
जौली में जुलूस कर्बला से वापस लौटकर बड़ी मस्जिद पर समाप्त हुआ, जहाँ मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शाहरजा प्रधान, रेहान काजमी, डॉ. हसन मेहंदी, जमाल, तकी बादशाह, शहरवार, असरम, अहमद, इज़हार, मेहंदी हसन, हुसैन, टीपू, शबाब आलम, अब्बास, महताब हुसैन और तनवीर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। जौली के अलावा मोरना, ककरौली, बेहड़ा सादात, तिस्सा, यूसुफपुर, रहकड़ा, बेलड़ा और टंढेड़ा में भी शिया समाज के लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष प्रकट किया है।