गोरखपुर : आरोपित रजत की लोकेशन, मोबाइल पैटर्न और खर्च सामने आने के बाद शुक्रवार की रात में उसे हिरासत में लिया गया। मोबाइल फोन चेक करने पर विमला का ब्रेसलेट व रुपये की गड्डी बनाने का वीडियो मिला। पूछताछ में वह टूट गया और पूरे घटनाक्रम को स्वीकार कर लिया। देर रात उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गलवाए गए सोने के गहनों का हिस्सा भी बरामद किया।
घटना के बाद मुकदमा दर्ज कराने वाली शांति देवी की बड़ी बेटी सुशीला दो दिन तक रामअधारे (रजत के पिता) के घर ही रही थीं। बाद में वह जौनपुर चली गईं। उसने भी रिपोर्ट में लूट की आशंका जताई थी, लेकिन कातिल परिवार के बिल्कुल करीब खड़ा होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। एसपी सिटी ने कहा कि हत्यारा घर की दिनचर्या, कमजोरियों और नकदी की स्थिति से परिचित था। उसने इसी जानकारी का फायदा उठाकर बेहद योजनाबद्ध ढंग से वारदात को अंजाम दिया। दोपहर बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
23 नवंबर की रात में हुई थी हत्या
घोषीपुरवा में रहने वाली शांति व उनकी अविवाहित बेटी विमला की 23 नवंबर की रात घर में हथौड़े से हमला कर हत्या कर दी गई। अगले दिन देर शाम तक घर से बाहर न निकलने पर रामा फर्नीचर जहां विमला काम करती थी उसके मालिक ने खोजबीन शुरू की। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। रात में नौ बजे शाहपुर पुलिस पहुंची तो कमरे में फर्श पर मां-बेटी का शव पड़ा था। इस मामले में शांति देवी की बड़ी बेटी ने अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।