भोपाल : मंदिरों की नगरी उज्जैन के रहने वाले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दो साल के कार्यकाल में मध्य प्रदेश के कई मंदिरों को नया रूप देने की घोषणा की है. खास बात ये है कि मुख्यमंत्री जिस जिले का भी दौरा करते हैं तो सभा को संबधित करने से पहले वहां के खास मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना जरूर करते हैं. इसके बाद सभा को संबोधित करने के दौरान भी मंदिर की खासियत और अपने अनुभव बताना नहीं भूलते. साथ ही संबंधित मंदिर के लिए कुछ न कुछ घोषणा अवश्य करते हैं.
महाकाल लोक की तर्ज पर कई मंदिरों में विशेष लोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिर परिसरों में पहुंचकर महाकाल लोक लोक की तर्ज पर वहां का विकास करने की घोषणाएं की हैं. हालांकि इससे पहले के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी महाकाल मंदिर सहित सलकनपुर धाम की देवी मंदिर और ओरछा धाम का रामराजा मंदिर में विशेष लोक बनाने की घोषणा कर चुके हैं.
उदयपुर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्ति
ओरछा में विशेष लोक का काम पूरा भी हो चुका है. लेकिन मोहन यादव ने शिवराज सिंह चौहान से 4 कदम आगे बढ़कर मंदिरों के जीर्णोद्धार करने, विशेष लोक बनाने की घोषणाएं की हैं.
इन्वेस्टर्स समिट से पहले महादेव की शरण में मोहन यादव
महाकालेश्वर मंदिर में अक्सर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सपरिवार पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. खास बात ये है कि भोपाल में फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले भी मोहन यादव ने उज्जैन के अंगारेश्वर महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की. यहां वह सपरिवार पहुंचे थे. यहां मुख्यमंत्री ने महादेव से ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की सफलता की प्रार्थना की और इसका असर भी दिखा. जब करोड़ों का इन्वेस्ट करने की घोषणाएं समिट में की गईं.
ओरछा में श्रीराम राजा लोक का सेकेंड फेस
15 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ओरछा पहुंचे. यहां 132 करोड़ रुपये से श्रीराम राजा लोक का द्वितीय चरण बनाने का शिलान्यास किया. उन्होंने घोषणा की कि अब धार्मिक पर्यटन स्थल ओरछा को पर्यटन बोर्ड की हेलिकॉप्टर योजना से जोड़ा जाएगा. ओरछा में 500 वर्ष पुराना श्रीराजा राम का वैभव एक बार फिर जीवंत हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने ओरछा धाम, चित्रकूट धाम सहित श्रीराम वन गमन पथ विकसित करने के लिए 2200 करोड़ रुपये की योजना का शुभारंभ किया. इसके साथ ही उज्जैन, जानापाव जैसे भगवान श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को भी तीर्थ के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया.
उज्जैन के गोपाल मंदिर का जीर्णोद्धार
14 नवंबर 2025 को उज्जैन स्थित ऐतिहासिक गोपाल मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का निरीक्षण किया. मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह का भी जायजा लिया. इससे पहले मंदिर में पूजा-अर्चना भी की. उज्जैन का तो शायद ही कोई मंदिर हो जहां मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव ने दर्शन न किए हों. 12 Jul 2025 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विदेशी दौरा करने से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती दर्शन कर पूजा-अर्चना की.
परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल को साष्टांग दंडवत प्रणाम कर विदेश का दौरा करने की अनुमति मांगी. मंदिरों से विशष लगाव का ही परिणाम है कि 15 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्राचीन नेवरी मंदिर पहुंचे. यहां भगवान चित्रगुप्त के दर्शन के बाद उन्होंने इस तीर्थ को विकसित करने की घोषणा की. वह भगवान श्री चित्रगुप्त की आरती में शामिल भी हुए.
मुरैना में शनि लोक बनाने की घोषणा
सितंबर 2025 में ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुरैना पहुंचे. वह मुरैना जिले के पिपरसेवा गांव पहुंचे. यहां घोषणा की “त्रेताकालीन शनि मंदिर में महाकाल लोक की तर्ज पर शनि लोक बनाया जाएगा. मोहन यादव ने शनि मंदिर में विधिविधान से करीब 45 मिनट तक मंत्रोच्चार और वैदिक परंपरा के बीच शनिदेव का अभिषेक कर आराधना की.
इससे पहले जुलाई 2025 में खंडवा पहुंचकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संत दादाजी धूनी वाले के भव्य मंदिर निर्माण का भूमिपूजन के किया. 6 अप्रैल 2025 को रामनवमी पर मुख्यमंत्री मोहन यादव मैहर पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले मां शारदा की पूजा-अर्चना की.
उदयपुर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना
10 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उदयपुर के नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के गौरव को याद किया. डॉ. मोहन यादव ने कहा “हजार वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अपने गौरव और भव्यता के साथ खड़ा है। यह सामूहिक आस्था और निरंतर प्रयासों का परिणाम है.”
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा “यह लगभग 1000 वर्ष पुराना, अत्यंत सुंदर और ऐतिहासिक मंदिर है.” उन्होंने आश्वासन दिया “इस अद्भुत पुरातात्विक धरोहर को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कार्य किए जाएंगे.”
मध्य
प्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय : सचिन सक्सेना
मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता सचिन सक्सेना कहते हैं “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय का नया अध्याय लिखा जा रहा है. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की पुनर्स्थापना, धार्मिक पर्यटन, सामाजिक व सांस्कृतिक चेतना के लिए बीजेपी सरकार सतत काम कर रही है. पहले नए साल के मौके पर पाश्चात्य सभ्यता को बढ़ावा मिलता था. लेकिन अब इसमें बदलाव आया है. अब लोग धार्मिक पर्यटन की तरफ, धर्मस्थलों की तरफ बढ़े हैं.”
सचिन सक्सेना का कहना है “जब मैं महाकाल मंदिर और महाकाल लोक की बात करता हूं तो साल 2025 के अंत में करीब 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 साल के अंदर 26 हजार से ज्यादा लोगों को तीर्थ दर्शन योजना का लाभ दिया है. बीजेपी सरकार में प्रदेश के 132 मंदिरों के जीर्णोद्धार की स्वीकृति मिली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बीजेपी सरकार इस दिशा में सतत काम कर रही है.”
ये आस्था नहीं, केवल अभिनय है : मुकेश नायक
कांग्रेस प्रवक्ता और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा “किसी के देवस्थानों पर जाने में कोई क्यों विरोध करेगा. जब हम देवस्थान में जाते हैं, तो हमारे मन विचार शुद्ध होते हैं. लेकिन यदि आपके आचरण पर असर नहीं हुआ. आप देवस्थान में जाने के बाद भी कोई परिवर्तन नहीं ला पा रहे हैं तो ऐसा लगता है कि आप अभिनय कर रहे हैं.”
मुकेश नायक ने कहा “सबसे अधिक आवश्यकता है कि देवस्थानों पर जाकर जो अध्यात्मिक शक्ति को लेते हैं, उसका असर हमारी कार्यप्रणाली पर आना चाहिए. मंहगाई को कम करने का काम करो, समाज को एक दृष्टि से देखो. सभी समाज के लिए आपकी समावेशी और सर्वस्पर्शी की भावना दिखाई देना चाहिए. लेकिन जब ऐसा समाज में दिखाई नहीं देता तो लगता है कि यह अभिनय है, धार्मिकता नहीं.”
डॉ. मोहन यादव आध्यात्मिक व्यक्ति : डॉ. राहुल कटारिया
उज्जैन के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राहुल कटारिया का कहना है “वह मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को सालों से बहुत करीब से जानते हैं. वह शुरू से ही आध्यत्मिक हैं. वह रामायण व गीता पढ़ते हैं. अन्य शास्त्रों का भी अध्ययन वह करते रहे हैं. वह धार्मिक प्रवृत्ति के हैं. मोहन यादव मुख्यमंत्री बनने के बाद नहीं, बल्कि छात्र जीवन से ही मंदिरों में दर्शन करने जाते रहे हैं. उज्जैन में साधु-संतों से समागम करते रहे हैं. आध्यात्मिक होने का ही कारण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सोचने का तरीका, काम करने का और बात करने का तरीका अन्य राजनीतिज्ञों से ज्यादा प्रभावकारी है.”