मां और बेटे का रिश्ता दुनिया में सबसे गहरा माना जाता है. लेकिन कभी-कभी जिंदगी ऐसा मोड़ दे देती है कि वही प्यार इंसान की पूरी दुनिया बदल देता है. कुछ ऐसा ही हुआ 22 साल के सोभिक साहू के साथ, जिनकी मां की मौत ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी. 160 किलो वजन के कारण उनका शरीर इतना भारी हो चुका था कि वे अपनी मां के अंतिम संस्कार तक भी ठीक से नहीं कर पाए. PPE सूट उनके आकार के कारण फिट ही नहीं हो रहा था. यही पल उनके लिए जीवन का टर्निंग पॉइंट बना और उन्होंने गम में खुद को पूरी तरह बदलने का फैसला किया.
मां की मौत बनी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट
सोभिक साहू पहले 160 किलो वजन के थे और कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे. ब्लड प्रेशर, टाइप-1 डायबिटीज, अस्थमा, आर्थराइटिस और फिशर जैसी समस्याएं उनका रोजमर्रा का संघर्ष थीं. लेकिन असली सदमा तब लगा जब उनकी मां का निधन हुआ और भारी वजन के कारण उन्हें अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं मिली, क्योंकि PPE सूट उनका आकार झेल ही नहीं पाया. दो PPE किट पहनकर उन्होंने किसी तरह अंतिम कर्तव्य पूरा किया और उसी क्षण उन्होंने कसम खाई कि अब जिंदगी ऐसे नहीं चलने देंगे.
दर्द, पसीना और अनुशासन से बदली पूरी जिंदगी
मां के जाने का दर्द उनके लिए प्रेरणा साबित हुआ. सोभिक ने बताया कि उन्होंने खुद को “पसीने की हर बूंद और हर दर्द के साथ” बदला. उन्होंने साफ-सुथरे, हाई-प्रोटीन डाइट और लगातार वर्कआउट से 85 किलो वजन घटा दिया. 160 किलो से 75 किलो तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन हर दिन वे अपने वादे को याद करते रहे कि “मां को एक फिट बेटा चाहिए था.” उनके मुताबिक यह सिर्फ वजन घटाने की कहानी नहीं, बल्कि उनका “पुनर्जन्म” है.
सोशल मीडिया पर भावुक हुए लोग
सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल होते ही लोगों ने दिल खोलकर प्यार दिया. कई यूजर्स ने कहा कि सोभिक की यह जीत उनकी मां की जीत भी है. किसी ने लिखा, “आपकी मां ने सच में एक फाइटर पाला था.” तो एक यूजर बोला, “काश उस दिन PPE सूट फिट हो जाता… लेकिन आज आपकी मेहनत देख मां जरूर गर्व कर रही होगी.” लोग उनकी कहानी को अब तक की सबसे प्रेरणादायक ट्रांसफॉर्मेशन मान रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएं दे रहे हैं.