यूपी में रोजी-रोटी को तरसेंगे रोहिंग्या-बांग्लादेशी, CM योगी का आदेश

Rohingyas and Bangladeshis will struggle to make a living in Uttar Pradesh, as per CM Yogi's order.
Rohingyas and Bangladeshis will struggle to make a living in Uttar Pradesh, as per CM Yogi's order.

Yogi Adityanath News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आम लोगों से सतर्क रहने और किसी व्यक्ति को नौकरी पर रखने से पहले उसकी पहचान का अनिवार्य रूप से वेरिफिकेशन कराने की अपील की है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ा अभियान चला रही है, ताकि सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को मजबूत रखा जा सके। यह अपील तब आई है, जब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाया जा सकता। योगी ने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि किसी भी कीमत पर घुसपैठ स्वीकार्य नहीं है। प्रदेश के संसाधन नागरिकों के हैं, अवैध प्रवासियों के नहीं। उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और मजबूत कानून व्यवस्था है।

2 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने की थी महत्वपूर्ण टिप्पणी
बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिसंबर को देश में रह रहे रोहिंग्याओं की कानूनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि जब देश के नागरिक गरीबी से संघर्ष कर रहे तो घुसपैठियों को रेड कार्पेट वेलकम कैसे दिया जा सकता है? यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने हिबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान की है।

सुरक्षा ही समृद्धि की नींव
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से सतर्क रहने और किसी व्यक्ति को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सुरक्षा ही समृद्धि की नींव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए नगर निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

घुसपैठियों के लिए नहीं हैं सरकारी योजनाएं
सीएम ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ उन कमजोर वर्गों के लिए हैं, जिन्हें इनकी जरूरत है। इन्हें घुसपैठियों तक नहीं पहुंचने दिया जा सकता है। इस उद्देश्य से विशेष दस्तावेज सत्यापन अभियान चलाया जा रहा, जिसके तहत घुसपैठियों को चिन्हित कर डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा। उन्होंने बताया कि हर मंडल में डिटेंशन सेंटर बनाए जा रहे हैं, ताकि कार्रवाई की प्रक्रिया और आसान हो सके।