सोते पति को खाट से बांध छिडका पेट्रोल, फिर दिखा दी तीली-वजह जान सिर पीट लेंगे

सिद्धार्थनगर. सिद्धार्थनगर में 62 साल की पत्नी ने 55 साल के पति को जिंदा जला दिया। 3 दिन के इलाज के बाद पति की मौत हो गई। दोनों की तीसरी शादी थी। पति अपनी पत्नी के अवैध संबंधों का विरोध करता था। इसलिए पत्नी ने बुधवार रात पति को पहले खाट से बांध दिया। फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

पति की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़े। भतीजे ने रस्सी खोली, ग्रामीणों ने पानी डालकर आग बुझाई। लेकिन तब तक व्यक्ति 80 प्रतिशत जल चुका था। परिजन डुमरियागंज सीएचसी लेकर गए। जहां से डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

गोरखपुर में 3 दिन तक इलाज चला। शुक्रवार देर रात उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना बुधवार रात डुमरियागंज थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव का है। मौत शुक्रवार देर रात गोरखपुर में हुई है।

अब पढ़िए पूरा मामला…

कुड़ी गांव में राम सवारे (55) का घर है। वह खेती किसानी करते थे। घर में पत्नी पूनम और तीन बेटे प्रेम प्रकाश (35), वीरेंद्र (24), और कमलेश (19) रहते हैं। पूनम राम सवारे की तीसरी पत्नी है। इससे पहले भी राम सवारे की दो शादी हो चुकी है। पहली पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। उससे एक बेटा प्रेम प्रकाश (35) है।

इसके बाद राम सवारे ने दूसरी शादी की। लेकिन कुछ दिन बाद वह राम सवारे को छोड़ कर चली गई। इसके बाद लगभग 25 साल पहले राम सवारे ने डुमरियागंज थाना क्षेत्र के तुरकौलिया गांव की रहने वाली पूनम से शादी कर ली।

पूनम की भी यह तीसरी शादी थी। पूनम की पहली शादी इटवा थाना क्षेत्र के बगहवा गांव में प्रताप से हुई थी। लेकिन कुछ समय बाद उसने उसे छोड़ दिया। इसके बाद पूनम की दूसरी शादी सिद्धार्थनगर में हुई। यह रिश्ता भी अधिक समय तक नहीं चला। इसके बाद पूनम ने राम सवारे से शादी की।

कुछ दिन बाद पूनम का गांव के ही 2 लोगों से अफेयर हो गया। पूनम उनसे बात करती और उन्हें मिलने भी बुलाती। एक दिन पति के घर पर न रहने पर प्रेमी पूनम से मिलने आया। जिसे राम सवारे ने पकड़ लिया। इस पर पति-पत्नी में विवाद हुआ। राम सवारे ने समझाने के कोशिश की। लेकिन पूनम नहीं मानी। इसके बाद दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा।

पत्नी ने सोते समय खाट में बांधा बुधवार की रात राम सवारे खाना खाने के बाद घर में खाट पर सोए थे। तभी देर रात पत्नी पूनम उसके पास आई। पहले उसे खाट से बांध दिया। तब तक राम सवारे की नींद खुल गई, वह छुड़ाने की कोशिश करने लगा।

वह कुछ समझ पाता, तभी पूनम ने उसके शरीर पर पेट्रोल डाल दिया। फिर आग लगा दी। आग लगते ही राम सवारे चीखने लगे। उनकी आवाज सुनकर बेटे और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। तुरंत आग बुझाई। भतीजे ने रस्सी खोली। लेकिन तब तक राम सवारे का पूरा शरीर जल चुका था। उसी हालत में उन्होंने कहा कि पूनम ने आग लगाई है।

‘मैं पहुंचा तो चाचा जल रहे थे’ भतीजे प्रकाश ने बताया कि हम सब घर में सो रहे थे। तभी चीखने के आवाज आई। हम कमरे से निकले तो देखा चाचा खाट पर जल रहे थे और चीख रहे थे। चाची बगल में खड़ी थीं। हम भागकर पास गए। हम लोगों के समझ ने नहीं आ रहा था कि क्या करें। किसी तरह जल्दी से पानी लाया गया। उनके ऊपर पानी डालकर आग बुझाया। हमने रस्सी खोली। उन्हें हम बचा नहीं सके।

चाचा इतना तेज चीख रहे थे कि उनकी आवाज सुनकर गांव वाले भी आ गए। चाची के अवैध संबंधों का विरोध करना चाचा को भारी पड़ा। हमने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने चाची को गिरफ्तार कर लिया है। एडिशनल एसपी प्रशांत कुमार ने कहा कि घटना के बाद पूनम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मौत के बाद अब धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। मामले में तमाम एंगल से जांच की जा रही है।