सोशल मीडिया पर इन दिनों पाकिस्तान के ऐसे कई वीडियो सामने आ रहे हैं जो गौत्र में शादी होने का नतीजा दिखा रहे हैं. भारत में शादियां काफी जांच-परख कर ली जाती है. लोग यहां एक कास्ट में शादी करते हैं लेकिन एक गौत्र में शादी वर्जित है. इसकी वजह भी साइंटिफिक है. यानी हिंदू में चचेरे-ममेरे भाई-बहनों की शादी बैन है. हालांकि, पाकिस्तान में संपत्ति में बटवारा ना हो और फैमिली मजबूत रहे, इसकी वजह से परिवार में शादियां हो जाती है.
वायरल हो रहे वीडियो चचेरे भाई-बहन (कजिन) की शादियों का नतीजा दिखा रहे हैं, जो पाकिस्तान में सांस्कृतिक रूप से आम है. असली भाई-बहन वाली इनसेस्ट (रक्त-संबंधी निषिद्ध विवाह) तो वहां भी अपराध है और बहुत कम देखने को मिलती है. वीडियो में दिखाए गए “अजीबोगरीब बच्चे” ज्यादातर जेनेटिक विकृतियों के उदाहरण हैं, जो कजिन मैरिज से जुड़े रिस्क को हाइलाइट करते हैं.
वीडियो का बैकग्राउंड
वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे बच्चे वाकई आपको डरा देंगे. ये सेंसेशनल है लेकिन सच्चाई पर आधारित है.सोशल मीडिया पर ये वीडियो जुलाई 2025 से वायरल हो रहा है, खासकर यूके के पाकिस्तानी कम्युनिटी को टारगेट करते हुए. इसमें ब्रिटिश फार-राइट एक्टिविस्ट टॉमी रॉबिन्सन का क्लिप है, जो दावा करते हैं कि ब्रिटिश पाकिस्तानियों में 76% कजिन मैरिज होती हैं, जिससे जन्म दोष (बर्थ डिफेक्ट्स) बढ़ते हैं और ये यूके की हेल्थ सिस्टम पर बोझ बनते जा रहे हैं. एक पोस्ट में तो ये दावा किया गया कि पाकिस्तानी मूल के लोग यूके में बर्थ डिफेक्ट्स के 33% केसेज के जिम्मेदार हैं. पाकिस्तान में भी ऐसे वीडियो सर्कुलेट हो रहे हैं, जहां कजिन मैरिज से जुड़े केसेज दिखाए गए हैं.
सेम डीएनए से परेशानी
ये “खौफनाक” लगते हैं क्योंकि दिखाए गए बच्चे विकृतियों (जैसे कंजेनिटल मलफॉर्मेशन, डिफॉर्मिटी) से जूझ रहे हैं. लेकिन ये रेयर केसेज हैं, ना कि हर शादी का रिजल्ट. ऐसे बच्चों के पैदा होने की साइंटिफिक वजह है. जब चचेरे भाई-बहन शादी करते हैं, तो उनके जीन पूल (जेनेटिक मटेरियल) काफी समान होते हैं. ज्यादातर जेनेटिक बीमारियां “रिसेसिव” होती हैं – यानी दोनों पैरेंट्स में वो खराब जीन होना चाहिए ताकि बच्चे को हो. नॉर्मल मैरिज में ये चांस कम होता है, लेकिन कजिन मैरिज में 2-3 गुना बढ़ जाता है. उदाहरण के लिए थैलेसीमिया, सिस्टिक फाइब्रोसिस, कंजेनिटल डेफनेस, हार्ट डिफेक्ट्स या मेंटल डिसेबिलिटी जैसी प्रॉब्लम्स कजिन मैरिज में ज्यादा देखने को मिलती है. एक स्टडी के मुताबिक, कजिन मैरिज से बर्थ डिफेक्ट्स का रिस्क 4-7% तक हो सकता है (नॉर्मल 2-3% के मुकाबले). पाकिस्तान में कंसेंग्विनियस (रक्त-संबंधी) शादियां 60-70% होती हैं जो दुनिया में सबसे ज्यादा है. 2022 में की गई एक स्टडी में पाया गया कि इससे प्रेग्नेंसी रिस्क, न्यूबॉर्न मॉर्टेलिटी और जेनेटिक डिसऑर्डर्स बढ़ते हैं.