पायल गेमिंग MMS वीडियो की खबरें आपने भी पढ़ी होंगी. एक फेमस इन्फ्लुएंसर का वीडियो बताकर सोशल मीडिया पर तमाम दावे किए गए. वीडियो लीक बताकर करोड़ों लोगों को दिखाया गया. फैंस इसे एआई डीपफेक वीडियो बताते रहे. अब पायल ने खुद बताया है कि वह वीडियो में नहीं हैं और अब वह कानूनी कार्रवाई करने जा रही हैं. यह किसी को बदनाम करने के लिए एआई के गलत इस्तेमाल का बेहतरीन उदाहरण है.
सब कुछ सही रहा तो आने वाले महीनों में ऐसे बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का इंतजाम हो जाएगा. आजकल स्मार्टफोन लेकर चलने वाला हर शख्स किसी न किसी तरह से एआई का इस्तेमाल कर रहा है. अगर आप भी एआई यूज करते हैं तो ध्यान से पढ़िए. भाजपा की सांसद भारती परधी ने संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है, जिसमें AI के गलत इस्तेमाल पर 5 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की बात की गई है.
हां, कोई अगर गैरकानूनी तरीके से एआई बेस्ड निगरानी (सर्विलांस) करता है, भेदभावपूर्ण तरीके से एल्गोरिदम काम करता है और एआई से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी जाती तो बहुत महंगा पड़ेगा. आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर कुछ नैतिक और नियामकीय चुनौतियां पैदा हो गई हैं. कोई किसी की फेक तस्वीरें बनाकर शेयर कर दे रहा है, झूठी आवाज के साथ वीडियो बन रहे हैं. एमएमएस, लीक जैसी चीजें लिखकर कंटेंट वायरल किया जा रहा है. बड़ी हस्तियों को बदनाम करने के लिए इसका इस्तेमाल होने लगा है. ऐसे में एआई का गलत इस्तेमाल करने वालों को सबक सिखाने का इंतजाम हो रहा है.