नई दिल्ली। मैदानी इलाकों के जन-जीवन के लिए अगला दो-तीन दिन मुश्किल भरा रह सकता है। पहाड़ों से उतर रही तेज और सूखी उत्तरी हवाओं के कारण दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में सुबह और रात के न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं हो रहा है, जिससे शीतलहर की तीव्रता बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी संभव है, लेकिन 15-16 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से यह राहत कुछ हद तक ही सीमित रह सकती है। जाहिर है, मकर संक्रांति एवं लोहड़ी जैसे पर्व भी इस बार ठंड और घने कोहरे के बीच ही मनाए जाएंगे।
इन राज्यो में शीतलहर का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) का कहना है कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले दो-तीन दिनों तक शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रहने की प्रबल संभावना है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है और कुछ स्थानों पर यह चार डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया, जिससे पाले की स्थिति बन गई है, जो अभी स्थिर रह सकती है।
अगले पांच दिनों तक घने कोहरे का अनुमान
उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ बिहार में भी अगले पांच दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा देखने को मिला। दिल्ली में भी सुबह के समय दृश्यता काफी कम रही, हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरे में कमी आई और धूप निकली, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बनी रही।
पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस शीतलहर का मुख्य कारण पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद चल रही उत्तरी हवाएं हैं। साफ आसमान और पूरी रात तेज ठंडक के चलते जमीन जल्दी ठंडी हो रही है, जिससे ठंड और पाले की स्थिति और गंभीर हो गई है। स्काईमेट वेदर के प्रवक्ता महेश पलावत का कहना है कि अगले दो-तीन दिन सर्दी अपने चरम पर रहेगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ बारिश की संभावना
15 जनवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके असर से 16 और 17 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में अच्छी बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इससे हवाओं की दिशा और गति में बदलाव आएगा और उत्तर से दक्षिण की ओर बह रही तेज ठंडी हवाएं कुछ कमजोर पड़ेंगी।
मकर संक्रांति के बाद ठंड से राहत की उम्मीद
इसी कारण दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में 15 जनवरी के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी शुरू होने के संकेत हैं। मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, जबकि मकर संक्रांति के बाद धीरे-धीरे ठंड से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।