GST Reform Impact on GDP: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त जीएसटी दरों में कटौती का वादा किया और एक महीने से भी कम वक्त में लोगों को तोहफा दे दिया. 3 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल के फैसले का ऐलान किया तो लोगों के चेहरे खिल गए. रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो गई. कार, एसी, टीवी, फ्रिज सब सस्ते हो गए. जीएसटी रिफॉर्म यानी टैक्स स्लैब में कटौती से सरकारी राजस्व को बड़ा झटका लगेगा. सरकार को जीएसटी से होने वाली कमाई में 48000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. सरकार का बहीखाता तो बिगड़ेगा, लेकिन इकोनॉमी को बड़ा बूस्ट मिलेगा.
GST रिफॉर्म से ट्रंप के टैरिफ को जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी का टैरिफ लगा दिया है. टैरिफ लगने से अमेरिका के लिए भारतीय आयात महंगे हो गए. अमेरिका में भारतीय सामानों की कीमतें बढ़ने से डिमांड में कमी आने लगी है. डिमांड कम होने के मतलब है भारत में उन उद्योग-धंधे पर असर जो अमेरिका का एक्सपोर्ट करते हैं. उद्योगों से सप्लाई प्रभावित होनी की वजह से रोजगार पर असर हो रहा है. उद्योगों के प्रभावित होने से इकोनॉमी पर असर होगा, लेकिन सरकार ने ट्रंप के टैरिफ का तोड़ GST रिफॉर्म से निकाला है . घी पर ₹61 तो शैंपू-तेल पर ₹65…GST कटौती से हर महीने कितना बचा लेंगे आप, कैलकुलेशन समझ लीजिए
टैरिफ का जवाब है GST
टैरिफ की वजह से जहां इकोनॉमी पर असर पड़ने वाला था, सरकार ने उसके जवाब में जीएसटी रिफॉर्म कर उस इम्पैक्ट को खत्म करने की कोशिश की है. GST दरों में कटौती होने से चीजें सस्ती हो जाएंगी. सामानों के दाम कम होने से खरीदारी बढ़ेगी. खपत बढ़ेगा. डिमांड बढ़ने से उद्योग-धंधे बढ़ेगा और इकोनॉमी पर इसका पॉजिटिव असर होगा. जहां टैरिफ बढ़ने से एक्सपोर्ट पर असर पड़ रहा था, भारतीय रूपया कमजोर हो रहा था, अब जीएसटी स्लैब में कटौती से उसे बू्स्ट मिलेगा. पेट्रोल-डीजल पर फिर सरकार ने मूंद ली आंख, ऐसी कौन सी मजबूरी कि तेल को GST के दायरे में नहीं लाती सरकार ?
जीएसटी कटौती से क्या फायदा होगा
जीएसटी बदलाव अर्थव्यवस्था और खपत दोनों के लिए बेहद अच्छे हैं. GST कटौती के साथ-साथ RBI की ब्याज दर में कमी, इनकम टैक्स में मिली रियायत और महंगाई के घटते आंकड़ें घरेलू खपत को बढ़ावा देंगे. GST से जुड़ी डिमांड में तेजी आने की उम्मीद है. उम्मीद की जा रही है कि जीएसटी रिफॉर्म से अगले 4-6 तिमाही में GDP ग्रोथ को 1-1.2% का बूस्ट मिल सकता है. ये बूस्ट अमेरिकी टैरिफ के नकारात्मक असर को बैलेंस कर देगा. बाजार जानकारों की माने तो जीएसटी स्लैब का इंटीग्रेशन और दरों का रेशनलाइजेशन महंगाई को कम करेगा, विकास को बढ़ावा, कंजयूमर सेंटिमेंट्स में सुधार देगा. जीएसटी रिफॉर्म से कारोबार में आसानी होगी. यानी कुल मिलाकर जीएसटी के इस बदलाव से टैरिफ की वजह से होने वाले नुकसान को कम करने की कोशिश की गई है.
8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी जीडीपी
हीरानंदानी और नारेडको नेशनल के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि जीएसटी में हुए बदलावों ने न केवल जनता को तोहफा दिया, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए एक रणनीतिक बढ़ावा साबित होगा. लोगों की खरीदारी की शक्ति, खपत के प्रोत्साहन, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और इन सुधारों के दम पर भारत की जीडीपी वृद्धि को 8% से ऊपर जाएगा