Yashwadi Hanuman Temple Roof Collapse: महाराष्ट्र के परभणी स्थित यशवाड़ी हनुमान मंदिर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया. यहां दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सभा मंडप के पिलर और छत का हिस्सा अचानक ढह गया. इस दुर्घटना में 5 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 18 लोग घायल हो गए. रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है. मलबे में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला जा चुका है.
महाराष्ट्र के परभणी तालुका के यशवाड़ी गांव से एक दर्दनाक हादसे की खबर आ रही है. यहां स्थित हनुमान मंदिर परिसर में बने सभा मंडप के पिलर और छत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया. इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 18 लोग घायल हो गए. शुरुआत में यह खबर आ रही थी कि मलबे में 30 से 40 श्रद्धालुओं के दबे हो सकते हैं. प्रशासन की तरफ से यह अब स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. घटना के बाद मंदिर रिसर में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय प्रशासन व ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. शनिवार का दिन होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी हुई थी.
गिरा निर्माणाधीन कंक्रीट का हिस्सा
यह दर्दनाक हादसा परभणी तालुका के यशवाड़ी गांव में शनिवार की दोपहर उस समय हुआ, जब पूरा परिसर बजरंगबली के जयकारों से गूंज रहा था. शनिवार का विशेष दिन होने के कारण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब सभा मंडप के नीचे बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे, तभी अचानक एक भयानक कड़कड़ाहट के साथ मंडप के मुख्य पिलर मुड़ गए और कंक्रीट की भारी-भरकम छत सीधे भक्तों के ऊपर भरभराकर गिर गई. कंक्रीट के मलबे के नीचे दबने से लोगों को संभलने या भागने का एक पल भी मौका नहीं मिला.
तेजी से चलाया गया राहत-बचाव कार्य
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय युवकों और ग्रामीणों ने तुरंत अपनी जान की परवाह न करते हुए राहत कार्य शुरू किया. मलबे के भारी ढेरों को हाथों से हटाने की कोशिशें की गईं, लेकिन पिलरों और भारी कंक्रीट स्लैब को हटाने के लिए भारी मशीनों की जरूरत महसूस हुई. सूचना मिलते ही परभणी जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें क्रेन, कटर और पोकलेन मशीनों के साथ यशवाड़ी गांव पहुंचीं. मलबे के नीचे दबे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने और उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए राहत कार्य को युद्ध स्तर पर चलाया गया.
शुरुआत में 40 लोगों के दबे होने की थी जानकारी
इस भीषण दुर्घटना में मलबे से अब तक 5 लोगों की मौत हुई जबकि 18 श्रद्धालुओं को बेहद गंभीर हालत में बाहर निकाला गया. इन सभी घायलों को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत परभणी के जिला अस्पताल और नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से कई लोगों के सिर, छाती और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और 3 से 4 मरीजों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है.