शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड (Manisha Mittal Murder Case) में अब एक खौफनाक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है. इस फुटेज ने पूरी वारदात की भयावहता को उजागर कर दिया है. फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि दो हमलावर बेहद सुनियोजित तरीके से स्कूल परिसर के बाहर पहुंचते हैं और जैसे ही मनीषा मित्तल बाहर आती हैं, वे उनके नजदीक जाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर देते हैं.
प्रारंभिक जांच और सामने आए सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि यह हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी. हमलावरों ने सीधे मनीषा मित्तल के सिर को निशाना बनाकर गोलियां दागीं, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. फुटेज में दिखने वाले ये हिंसक दृश्य बेहद विचलित करने वाले हैं, जो जांच एजेंसियों के लिए अब एक महत्वपूर्ण साक्ष्य (Evidence) बन चुके हैं.
39 घंटे में पुलिस ने शूटरों को दबोचा
गौरतलब है कि 13 जून की शाम शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के बाहर इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. इस घटना ने पूरे हिमाचल प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए थे, लेकिन शिमला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 39 घंटे के भीतर दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया. हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी पुलिस ने बरामद कर लिया है.
संपत्ति विवाद का एंगल, मास्टरमाइंड की तलाश जारी
शिमला पुलिस की जांच का मुख्य फोकस अब हत्या के पीछे की गहरी साजिश और इसके असली मास्टरमाइंड (Mastermind) को बेनकाब करने पर है. पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से रिमांड पर कड़ी पूछताछ कर रही है.
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पारिवारिक और संपत्ति से जुड़े विवादों (Property Dispute) के एंगल की गहराई से जांच की जा रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी एक मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि इन शूटरों को हत्या की ‘सुपारी’ किसने दी थी और इस खौफनाक साजिश में पर्दे के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं.