पकड़ा गया मालदा कांड का मास्टरमाइंड मोफक्करुल इस्लाम, 35 अन्य गिरफ्तार

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मालदा हिंसा में बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और पूरा मामला एनआईए को रेफर होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। मालदा घटना पर उत्तरी बंगाल के एडीजी के. जयरामन के अनुसार अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 19 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को अरेस्ट किया गया है। वह अभी बागडोगरा में हिरासत रखा गया है। एडीजी के. जयरामन ने बताया कि उसे यहां लाया जा रहा है। आगे एनआईए इस मामले की जांच अपने हाथ में लेगी। उसे कालियाचक मामले में गिरफ्तार किया गया है। जयरामन के अनुसार वह एक वकील लगता है। हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई। फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे।

बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तारी

ADG नॉर्थ बंगाल के जयरामन ने कहा कि हमने लोगों को भड़काने के आरोप में मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से हिरासत में लिया है। हम इस तरह की किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं है। हम निश्चित रूप से इसकी जांच करेंगे कि यह पहले से प्लान किया गया था या नहीं। इस घटना के बाद हमने न्यायिक अधिकारियों को CAPF सुरक्षा दी है। अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गौरतलब हो कि 1 अप्रैल 2026 को मालदा के कालियाचक ब्लॉक II में मतदाता सूची की शिकायतों के निपटारे के लिए गई सात न्यायिक अधिकारियों की टीम (जिसमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं) को भीड़ ने करीब 8-9 घंटों तक बंधक बनाए रखा था।

इसके बाद भड़की थी हिंसा
इस घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे 12 को ब्लॉक किया, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के साथ झड़प की, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम का जुड़ाव AIMIM से बताया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया।

सीजेआई सूर्यकांत रात दो बजे तक इस घटना के बाद जागते रहे थे। चुनाव आयोग ने अदालत के निर्देश पर जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी है। बंगाल चुनाव 2026 के मद्देनजर इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहां बीजेपी इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की एक साजिश करार दिया है।