Pakistani Gangster Shahzad Bhatti: पाकिस्तान में जन्मा और दुबई में बैठकर दुनिया भर का अपराधी नेटवर्क चलाने वाला गैंगस्टर शहजाद भट्टी आज भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है. उसका नाम 2024 के बाद अचानक भारत में सुर्खियों में आया, लेकिन उसके अपराधों की परतें कई देशों की सीमाओं को लांघती हैं. कुख्यात गैंगस्टर पाकिस्तान, दुबई, कनाडा, अमेरिका और भारत तक. भट्टी सिर्फ एक गैंगस्टर नहीं, बल्कि सीमा-पार चलने वाले संगठित अपराध, डिजिटल आतंकवाद, हथियारों की तस्करी और नफरत फैलाने वाली साजिशों का केंद्र बन चुका है.
अक्टूबर 2024 में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा तूफान आया, जब एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की भीड़भाड़ वाले इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई. शुरुआती दावा लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने किया, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो एक बड़ा खुलासा हुआ. मुख्य आरोपी जीशान अख्तर को देश से बाहर भागने में शहजाद भट्टी ने मदद की थी. यह जानकारी सामने आते ही एजेंसियों को समझ आ गया कि यह सिर्फ गैंगवार नहीं, बल्कि पाकिस्तान से चल रहे बड़े खेल का हिस्सा है. भट्टी पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कुख्यात फारुख खोकर गैंग का अहम सदस्य माना जाता है और दुबई में बैठकर अपना पूरा नेटवर्क चलाता है. हवाला, सुपारी, धमकी, हथियार और सोशल मीडिया के जरिए डिजिटल खौफ फैलाना, ये सब उसकी पहचान का हिस्सा है.
शहजाद भट्ट का नेटवर्क
पाकिस्तान से संचालित मॉड्यूल
दुबई में सुरक्षित ठिकाने
कनाडा में गैंग
अमेरिका का फंडिंग मॉड्यूल
भारत में स्थानीय हैंडलर
भारत में कब सुर्खियों में आया शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी साल 2024 में वह तब चर्चा में आया जब उसने बीजेपी नेता और फिल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती को खुलेआम जान से मारने की धमकी दे डाली. दो वीडियो में उसने 10–15 दिन का अल्टीमेटम दिया था. इसके बाद मिथुन की सुरक्षा बढ़ाई गई और पहली बार आम भारतीय उसके नाम से वाकिफ हुआ. 18 मार्च 2025 को भट्टी की गतिविधियां एक बार फिर सुर्खियों में आ गईं, जब पंजाब के जालंधर में यूट्यूबर रजर संधू के घर पर ग्रेनेड फेंका गया. हमले के कुछ ही देर बाद एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें भट्टी ने खुद इसकी जिम्मेदारी ली और इसे धार्मिक प्रतिशोध बताया. इसी वीडियो में उसने फिर जीशान अख्तर का नाम लेकर उसकी तारीफ की. इस घटना के बाद भारत में उसके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स बैन कर दिए गए. यहीं से भट्टी का नाम भारत की टॉप वांटेड लिस्ट में तेजी से ऊपर आने लगा.
लॉरेंस बिश्नोई-भट्टी की दोस्ती दुश्मनी में क्यों बदली?
कभी शहजाद भट्टी और लॉरेंस बिश्नोई को दोस्त कहा जाता था. साल 2024 में दोनों की ईद पर हुई वीडियो कॉल वायरल हुई थी जिसमें भट्टी ने कहा था कि वह लॉरेंस के लिए गर्दन कटवाने को भी तैयार है, लेकिन अंडरवर्ल्ड में दोस्ती हमेशा स्थायी नहीं रहती. पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब लॉरेंस बिश्नोई ने आतंकी हाफिज सईद को धमकी दी, तो भट्टी भड़क गया. पाकिस्तानी नेटवर्क का हिस्सा होने के कारण भट्टी को यह बयान नागवार गुजरा. इसके बाद दोनों के रिश्ते टूट गए और भट्टी भारत विरोधी नैरेटिव से और ज्यादा जुड़ गया. भट्टी ने यह भी दावा किया कि उसने दुबई में सलमान खान और बिश्नोई के बीच समझौता करवाने की कोशिश की थी, हालांकि इस दावे की कोई पुष्टि नहीं है. अंडरवर्ल्ड में सच्चाई और झूठ का अंतर भी एक साजिश की तरह ही इस्तेमाल होता है.
क्या भट्टी का नेटवर्क टूटेगा?
भारत की एजेंसियां अब भट्टी के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में हैं. मामला सिर्फ अपराध का नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का बन चुका है. सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान उसकी सुरक्षा ढाल बना रहेगा? क्या भारत इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर कोई बड़ा कदम उठाएगा? या अंडरवर्ल्ड की परंपरा के मुताबिक भट्टी भी अपने ही नेटवर्क की साजिश का शिकार बन जाएगा? फिलहाल इतना जरूर है कि शहजाद भट्टी भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए नया और खतरनाक सिरदर्द बन चुका है. उसके नेटवर्क की ताकत और फैलाव उसे दक्षिण एशिया के सबसे प्रभावशाली अपराधियों में शामिल कर चुका है. कहानी का अगला अध्याय क्या होगा यह आने वाला समय ही बताएगा. लेकिन आज की स्थिति साफ है कि शहजाद भट्टी अंडरवर्ल्ड का नया ग्लोबल प्लेयर है और भारत के लिए एक बड़ी चुनौती.