Bank Locker Rules: अगर आपने किसी बैंक में गहने या कीमती सामान रखने के लिए लॉकर रेंट पर ले रखा है तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, पिछले कुछ सालों के दौरान रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से बैंक लॉकर से जुड़े नियमों में बदलाव किये गए हैं. नए नियमों के तहत कस्टमर को नया लॉकर एग्रीमेंट साइन करना जरूरी होता है. यदि एग्रीमेंट साइन नहीं किया तो आपके और लॉकर दोनों के लिए रिस्क हो सकता है. इतना ही नहीं बैंक आपके लॉकर को सील भी कर सकता है. ऐसे में यह जरूरी है कि बैंक लॉकर लेने वाले कस्टमर रिवाइज रेंटल एग्रीमेंट (revised rental agreement) को साइन करें.
कस्टमर की तरफ से मांगी जा सकती है कानूनी सहायता
एक रिपोर्ट के अनुसार बैंक से लॉकर रेंट पर लेने वाले करीब 20% अकाउंटहोल्डर ने आरबीआई (RBI) की डेडलाइन निकलने के बाद भी नया एग्रीमेंट साइन नहीं किया है. ऐसे में उनके लॉकर को सील किया जा सकता है. संशोधित लॉकर एग्रीमेंट में इस तरह का प्रावधान है कि यदि बैंक लॉकर में रखे सामान को सुरक्षित नहीं रख पाता तो कस्टमर कानूनी सहायता (legal remedies) मांग सकता है. लॉकर से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाले कस्टमर पर बैंक की तरफ से कार्रवाई की जा सकती है. आरबीआई (RBI) इस पूरे मामले की अपने लेवल पर निगरानी कर रहा है.
एग्रीमेंट रिन्यूअल के लिए बैंकों ने नोटिस भेजा
ईटी में प्रकाशित खबर के अनुसार पिछले दिनों बैंकों ने इसको लेकर रिजर्व बैंक से संपर्क किया. बैंकों को कस्टमर से अंतिम नोटिस भेजने और लॉकर सील करने की इजाजत मिल सकती है. इस तरह की कार्रवाई का मकसद नियमों का पालन कराना और बैंकों को सुपरवाइजरी चिंता से बचाना है. अभी बैंकों की तरफ से ग्राहकों को एग्रीमेंट रिन्यूअल की याद दिलाने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है. आपको बता दें आरबीआई (RBI) की तरफ से जारी लॉकर एग्रीमेंट के लिए अपडेटेड दिशानिर्देशों को मार्च 2024 तक पूरी तरह लागू किया जाना जरूरी था.
बार-बार रिमाइंडर के बाद भी नहीं आए कस्टमर
पहले आरबीआई की तरफ से अगस्त 2021 में बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे कस्टमर की शिकायतों और प्रतिक्रिया को ध्यान में रखकर मौजूदा लॉकरहोल्डर के साथ नए एग्रीमेंट को 1 जनवरी 2023 तक लागू करें. बाद में इस टाइम लिमिट बढ़ाकर दिसंबर 2023 कर दिया गया. इसके बाद इसे 31 मार्च 2024 तक और बढ़ाया गया. एक बैंक अधिकारी का कहना है कि कुछ ऐसे भी ग्राहक हैं, जो बार-बार याद दिलाने के बावजूद नहीं आए हैं. कुछ ऐसे भी मामले हैं जहां संबंधित पक्षों के बीच कानूनी मामले हैं.
लॉकर ऑपरेशन हो सकता है सस्पेंड
कुछ बैंक अधिकारियों ने आरबीआई (RBI) के साथ बातचीत के दौरान बैंकों ने लॉकर ऑपरेशन को सस्पेंड करने और ग्राहकों की तरफ से नियमों का पालन नहीं करने पर नोटिस जारी करने की इजाजत मांगी है. बैंकों की तरफ से 31 मार्च 2024 तक की तारीख को आगे बढ़ाने और नियमों का पालन करने के लिए ज्यादा समय दिये जाने की इजाजत मांगी है. बैंकों ने दिसंबर 2025 की नई डेडलाइन को RBI को सुझाया है.