बदायूं। बदायूं में बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार दोपहर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में आकर ई-कार्ट सवार छह महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से चार एक ही परिवार की हैं। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए निकली थीं। अब चीख-पुकार मची है।
बदायूं में हुआ भीषण सड़क हादसा डालचंद्र के परिवार को जिंदगीभर का गम दे दिया। एक ही परिवार की चार महिलाओं की मौत ने पूरे कुनबे को झकझोर दिया है। हादसे ने परिवार की रीढ़ मानी जाने वाली महिलाओं को ही छीन लिया। अब परिवार के सामने सिर्फ अपनों को खोने का दुख ही नहीं, बल्कि शादी की रस्मों को पूरा करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
एक साल पहले बनी थी दुल्हन, अब उठी अर्थी
एक साल पहले डालचंद्र के दूसरे नंबर के बेटे भोजराज से शादी कर डोली में बैठकर आई सरला भी देवर कुमरपाल की शादी को लेकर बहुत उत्साहित थीं, लेकिन शादी के एक साल बाद ही अब सरला की अर्थी उठेगी।
तीन बच्चों के सिर से उठा गया मां का साया
हादसे में डालचंद्र की बेटी नारायणी देवी की भी मौत हो गई। नारायणी देवी की शादी कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र के गुलाबगढ़ी में हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। हादसे में नारायणी देवी की मौत होने के बाद तीनों बच्चों के ऊपर से मां का साया उठ गया। बच्चे अभी यह समझ भी नहीं पा रहे हैं कि उनकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी।
डालचंद्र के बड़े बेटे वीरपाल की पत्नी गंगाश्री उर्फ आरती की भी हादसे में जान चली गई। उनके दो बेटे हैं। दोनों बच्चों की पढ़ाई और परवरिश को लेकर अब गंभीर चिंता बन गई है। बच्चे अपनी मां के बारे में पूछ रहे हैं तो वहां मौजूद हर किसी के आंखों के आंसू नहीं रुक रहे हैं।
मंगल गीत नहीं अब रुदन… शहनाइयों की जगह गूंज रहीं सिसकियां
बदायूं के उझानी के कछला के मुरावन नगला निवासी डालचंद्र के जिस घर से 12 दिन बाद शहनाइयों की गूंज के साथ बेटे कुमरपाल की बरात जानी थी, हादसे के बाद वहां सिसकियां गूंज रही हैं। खुशियों की जगह मातम पसरा है। मंगल गीतों की जगह करुण क्रंदन गूंज रहा है। भात मांगने की रस्म भी अधूरी रह गई। भीषण हादसे में कुमरपाल की मां, बहन, दो भाभियों समेत छह महिलाओं की मौत से हर कोई स्तब्ध है। मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा छाया हुआ है।
दरअसल, कुमरपाल की शादी गठौना गांव के चरन सिंह की बेटी से तय हुई थी। 29 जून को बरात जाती। एक दिन पहले मंडप की दावत भी होनी थी। घर में शादी की रस्मे शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच यह हादसा हो गया। हादसे के बाद गठौना से नाते-रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए। अब शादी टलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
बार-बार बेहोश हो रहा कुमरपाल
कुमरपाल इस सदमे से बार-बार बेहोश हो रहा है। लड़खड़ाती आवाज में कह रहा है कि मां अब मैं बहू किसको लाकर दूंगा। बहू आने से पहले मुझे व परिवार को छोड़कर क्यों चली गई। 80 साल की प्रेमवती की गोद में खेलकर बड़े हुए पौत्र-पौत्री दादी-दादी पुकारकर रो रहे हैं।
29 जून की शादी पर छाया संकट
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शादी की रस्मे कैसे पूरी होंगी। परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच परिवार अपनों को खोने के गहरे सदमे से गुजर रहा है। समय के साथ शादी हो जाएगी, लेकिन इस हादसे के जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे। मां, बहन और भाभियों को खोने का दर्द कुमरपाल और उसके परिवार के साथ जिंदगी भर रहेगा।
मंगल गीत गाते हुए निकली थीं महिलाएं, अब मची चीख-पुकार
डालचंद्र के परिवार के लोग बेटे कुमरपाल की शादी को लेकर बहुत खुश थे। उन्होंने अपने घर के बाहर लिखवा रखा था कि यह बरात का घर है। दरवाजे व आंगन को सजाने के लिए बहन पांच दिन से माला बना रही थी। आसपास की महिलाएं खुशी-खुशी ई-कार्ट में सवार होकर ढोलक की थाप पर मंगल गीत गाते हुए दोपहर में घर से निकली थीं। कुमरपाल की भाभी सरला देवी ने अपने दोनों बच्चों को तैयार किया।
नारायणी देवी अपने घर से एक दिन पहले ही आ गई थीं। आरती देवी भी फर्ज निभाने साथ चल दीं। ई-कार्ट पर बैठते समय डालचंद्र ने बेटे कुमरपाल से कहा था कि जल्दी आ जाएंगे, फिर आगे की तैयारी करेंगे। कुमरपाल ने मां के पैर छूकर उन्हें विदा किया। किसी को नहीं पता था कि ये आखिरी विदाई होगी। हादसे के बाद पड़ोसी रामकिशन भी आहत दिखे। बोले- कल तक जिस घर में मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां से अब चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
हाईवे पर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों ने ई-कार्ट को रौंदा
बरेली-मथुरा हाईवे पर बुधवार दोपहर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में आकर ई-कार्ट सवार छह महिलाओं की मौत हो गई। इनमें से चार एक ही परिवार की हैं। फूलपुर और बुटला बोर्ड गांवों के बीच हुए हादसे में ई-कार्ट सवार तीन अन्य घायल हो गए। गंभीर रूप से दो घायलों को बरेली के निजी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, कछला नगर पंचायत के मोहल्ला मुरावन नगला निवासी डालचंद्र सिंह के बेटे कुंवर पाल की 29 जून को शादी थी। डालचंद्र अपनी पत्नी, बेटी, दो बहुओं व परिवार की बुजुर्ग महिलाओं के साथ ई-कार्ट से भात मांगने ससुराल गठोना जा रहे थे। कुमरपाल की शादी गठोना गांव में ही तय हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवे पर दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची थी। ई-कार्ट उनके बीच फंस गया। दोनों ट्रैक्टर उसे रौंदते हुए निकल गए। हादसे के बाद एक चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भाग गया, जबकि दूसरा चालक वाहन मौके पर छोड़कर खुद भाग निकला।
चार दिन पहले खरीदा था ई-कार्ट, नहीं हुआ था पंजीयन
हादसे का शिकार हुआ ई-कार्ट भी चार दिन पहले ही कासगंज से खरीदा गया था। ई-कार्ट का अब तक एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन भी नहीं कराया गया था और वह हाईवे पर सवारियां ढो रहा था। इससे परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न उठ रहे हैं। नियमानुसार, वाहनों का पंजीकरण होने के बाद ही शोरूम से डिलीवरी का नियम है, लेकिन इस मामले में इसकी अनदेखी की गई।
बैरिकेडिंग कराए बिना ही एक लेन से गुजारा जा रहा था ट्रैफिक
आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि निर्माण के चलते बरेली-मथुरा हाईवे की एक लेन को बंद किया गया है, जिस पर लोग मक्का भी सुखा रहे थे। यहां अस्थायी तौर पर बैरिकेडिंग नहीं कराई गई। निर्माण कार्य के दौरान जब यातायात एक लेन पर चल रहा हो तो नियमानुसार काम कर रही एजेंसी को अपने कर्मचारी लगाने चाहिए, लेकिन यहां भी लापरवाही बरती गई।
शहनाई की जगह सिसकियां
जिस घर में शादी की शहनाई गूंजनी थी, वहां चीख-पुकार मची है। भात मांगने निकलीं जो महिलाएं ढोलक की थाप पर मंगल गीत गा रही थीं, हादसे के बाद उसकी जगह करुण क्रंदन ने ले ली।
पीएम व सीएम ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक जताया है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया है।