बडी खबर: सस्ते सोने का इंतजार छोड़ दीजिए! गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में लगेगी आग, टूटेगा 46 साल का रिकॉर्ड

Gold-Silver Rate: सोने-चांदी की कीमत ने साल 2025 में जो गदर मचाया है उसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि सोना और चांदी का रेट इस कदर भाग रहा है जिसके बारे में बाजार एक्सपर्ट्स ने भी नहीं सोचा था. हालात ऐसे है कि इस साल सोने की कीमत 67 फीसदी से अधिक बढ़ चुकी है. चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये से अधिक की तेजी देखने को मिली है. सोने-चांदी की कीमत में ये तेजी देख लोगों के मन में सवाल है कि क्या आने वाले दिनों में सोना-चांदी सस्ता होने वाला है ? क्या सोने की कीमत में कोई गिरावट आने वाली है ? सस्ते सोने-चांदी का इंतजार कर रहे लोगों को इस खबर से बड़ा झटका लगेगा.

कहां पहुंचा सोने का भाव ?
स्पॉट गोल्ड की कीमत रिकॉर्ड $4,383.73 प्रति औंस तक बढ़ चुकी है. सुरक्षित निवेश की पहचान रखने वाले सोने की कीमतों में इस साल 67 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली है. ग्लोबल इकोनॉमिकल इश्यू, सेंट्रल बैंक की ओर से लगातार हो रही सोने की खरीदारी के चलते सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली है.आज की बात करें तो सोना 1.32 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर चुका है तो वहीं चांदी की कीमत सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है.

चांदी ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड
चांदी की कीमतें सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है. सिल्वर प्राइस की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई. MCX पर सिल्वर में 2.39% की बढ़त देखने को मिली और चांदी 2,13,412 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. इंटरनेशनल मार्केट में सिल्वर स्पॉट के दाम में 2.7 फीसदी की बढ़ आई और चांदी ने ऐतिहासिक कीमत 4391.92 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा छू लिया. Gold Rate: रिकॉर्ड महंगाई के बाद सोना-चांदी दोनों हुए धड़ाम, खरीदारी का सही टाइम या अभी और गिरेगा रेट ?

क्या करने वाला है अमेरिका
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई है. जानकारों की मानना है कि आने वाले महीनों में एक बार फिर से फेड की ओर से ब्याज दर घटाए जाएंगे. अमेरिकी फेड संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में ब्याज दरों में और कटौती हो सकती है. ऐसे में सोने में निवेश बढ़ा है.जब भी ब्याज दरें कम होने की संभावना बढ़ती है निवेशकों की ओर से बॉन्ड और ब्याज देने वाले दूसरे इंन्वेस्टमेंट से पैसा निकालकर सोने-चांदी में निवेश बढ़ा दिया जाता है. भारत के हाथ लगी रेत के नीचे गड़े उस खजाने की चाबी, जिससे चीन की दगाबाजी और ट्रंप की चालाकी दोनों का एक साथ होगा इलाज

सोने के पीछे पड़ा अमेरिका
सोने-चांदी की कीमत में आ रही इस जबरदस्त तेजी के पीछे अमेरिका बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की संभावना है. ब्याज दर में कटौती की उम्मीद बढ़ने के साथ ही निवेशकों का रुझान सेफ हैवन गोल्ड-सिल्वर की ओर बढ़ गया है. ब्याज दरों में कटौती की हलचल ने सोने-चांदी की मांग और कीमत दोनों को बढ़ा दिया है. वहीं दुनियाभर के अलग-अलग कोनों में हो रहे युद्ध, अमेरिका की ओर से ट्रेड डील में हो रही देरी से सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही है.कमजोर डॉलर,जियोपॉलिटिकल टेंशन ने सोने को निवेशकों का सबसे भरोसेमंद साथी बना दिया है.

साल 1979 वाला हाल
सोने-चांदी की कीमत में जो स्थिति अभी बनी हुई है, जिस तरह का उछाल अभी देखने को मिल रहा है, कमोबेश इसी तरह की स्थिति साल 1979 में भी देखने को मिली थी. साल 1979 के बाद अब सोने-चांदी में इस तरह की तेजी देखने को मिल रही है. साल 1979 –80 का दौर सोने के इतिहास का सबसे बड़ा बुल माना जाता है. ऑल टाइम हाई पर महंगाई, ब्याज दरों में बड़ा उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर पर दबाव के चलते उस वक्त सोना एक साल में 2x से भी ज्यादा रैली दी थी.

क्या सोने की कीमत आने वाले दिनों में कम होगी ?
सोने की कीमत में फिलहाल बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं के बराबर है. अगर इसी तरह से अमेरिका में फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती होती रही तो साल 2026 में गोल्ड की कीमत 4,000 डॉलर से 4,500 डॉलर प्रति औंस तक रह सकता है. हालांकि प्रॉफिट बुकिंग के चलते बीच-बीचे मेंमामूली गिरावट देखने को मिल सकती है. सिर्फ सोना ही नहीं बल्कि ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और AI की बढ़ती डिमांड ने चांदी की कीमत को भी सपोर्ट दिया है.