मुंबई: दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं। यहां लोक भवन (पूर्व में राजभवन) ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को नेता चुना गया।
कौन-कौन रहा मौजूद
महाराष्ट्र लोकभवन में शाम 5 बजे आयोजित सादे समारोह में सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी नेता सुनीत तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे समेत पार्टी के विधायक मौजूद रहे। हालांकि इस दौरान शरद पवार मौजूद नहीं रहे।
कब सुर्खियों में आईं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार 2024 के लोकसभा चुनाव तक सुर्खियों से दूर रहीं। उसी साल हुए आम चुनाव में उन्होंने अपने पति की पार्टी की उम्मीदवार के रूप में बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि प्रतिष्ठा की लड़ाई में अपनी ननद और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) उम्मीदवार सुप्रिया सुले से हार गईं। इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं।
सुनेत्रा पवार पर बड़ी जिम्मेदारी
इससे पहले एनसीपी नेता अनिल भैदास पाटिल ने बताया कि सुनेत्रा पवार शुक्रवार को बारामती में सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह यहां आईं। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा झटका लगा है कि सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, हमारी कोशिश है कि पार्टी की कमान किसी को सौंपी जाए। हमें लगता है कि इस समय सुनेत्रा पवार यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। क्योंकि जल्द स्थानीय निकाय चुनाव भी होने वाले हैं। जितने भी उम्मीदवार चुनाव में खड़े किए, अजित पवार उन्हीं को जिताने के लिए दौरे कर रहे थे। अजित पवार के निधन के बाद उम्मीदवारों को संभालने की जिम्मेदारी अब सुनेत्रा पवार पर होगी।
क्या दोनों एनसीपी का विलय होगा?
शरद पवार की पार्टी के साथ विलय की चर्चाओं पर अनिल भैदास पाटिल ने कहा कि संभावित विलय को लेकर दादा की कोशिशें चल रही थीं और हममें से कुछ लोगों को इसके बारे में थोड़ी जानकारी थी। कुछ नेताओं के बीच बातचीत हो रही थी और कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे थे कि अजित पवार और शरद पवार के साथ करीबी नेता बात करते दिख रहे थे। लेकिन मुलाकात के समय किन मुद्दों, गठबंधन और विलय को लेकर चर्चा हुई, इसका जवाब अजित पवार के निधन के बाद कोई देने वाला नहीं है। विलय की अटकलों पर सना मलिक ने कहा कि मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुने जाते, दोनों पार्टियों का विलय मुश्किल है।