Chandra Grahan in India 2025, Sutak Kaal Time, Upay In Hindi: चद्रग्रहण भारत में 7-8 सितंबर को दिखाई देगा और कुल 3 घंटे 29 मिनट तक चलेगा। जानें सूतक काल की शुरुआत और समाप्ति का समय, अपने शहर में ग्रहण की सही टाइमिंग, और क्या करें–क्या न करें इस विशेष दिन पर।
कब लगता है चंद्र ग्रहण ?
हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि की रात को लगता है, वहीं सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर। खगोल शास्त्र के अनुसार, पृथ्वी समेत दूसरे ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं और चंद्रमा पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाता है। ऐसे में कई बार इस तरह की स्थिति बनती हैं जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा तीनों एक सीधी लाइन में आ जाते हैं यानी चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी की बीच में आ जाती है। तब सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता जिसमें पृथ्वी की छाया चंद्रमा के ऊपर पड़ती तब चंद्र ग्रहण होता है।
आज रात साल का आखिरी चंद्र ग्रहण
ग्रहण की शुरुआत- 07 सितंबर की रात को 9. 58 मिनट से होगी।
चंद्र ग्रहण का उच्च काल- रात 11. 41 मिनट से, इस दौरान पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा।
चंद्र ग्रहण की समाप्ति- रात 1.26 मिनट पर।
ग्रहण का सूतक काल- दोपहर 12. 56 मिनट से जारी और ग्रहण खत्म होने के साथ होगा खत्म।
सूतक काल की मान्यताएं- ग्रहण के दौरान सूतक लगता है। सूतक में मंदिरों के पट बंद हो जाते हैं। सूतक में भोजन नहीं बनाया जाता
सूतक काल में क्या करें- चंद्र ग्रहण और सूतक काल के दौरान पूजा पाठ वर्जित रहेगा। लेकिन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।
ब्लड मून का दिखेगा नजारा- साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण होगा, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चांद लाल रंग का दिखेगा, इस कारण से ब्लड मून कहा जाता है।
चंद्र ग्रहण 2025 राशि अनुसार उपाय
धनु: हनुमान जी की पूजा करें, बूंदी का भोग लगाएं, चालीसा पढ़ें।
मकर: दान करें, शनि मंदिर में तेल चढ़ाएं, “ॐ नमः शिवाय” जपें।
कुंभ: काली वस्तुओं का दान करें।
मीन: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
चंद्र ग्रहण 2025 राशि अनुसार उपाय
सिंह: अनाज दान करें, भगवान सूर्य के नामों का जाप करें।
कन्या: मां दुर्गा की उपासना करें, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
तुला: चावल दान करें, लक्ष्मी पूजन करें, फूल चढ़ाएं।
वृश्चिक: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
चंद्र ग्रहण 2025 राशि अनुसार उपाय
मेष: हनुमान जी की उपासना करें, सुंदरकांड का पाठ करें।
वृषभ: शिव पूजन करें, महामृत्युंजय मंत्र जपें, दान करें।
मिथुन: स्नान के बाद “ॐ नमो नारायणाय नमः” का जप करें।
कर्क: सफेद वस्तुओं का दान करें।
ग्रहण योग के प्रभाव से ये राशियां रहें सतर्क
वृषभ: व्यापार और स्वास्थ्य में परेशानी हो सकती है। सफेद वस्त्र और दूध का दान करें।
तुला: निवेश से बचें, तनाव और थकान संभव है। देवी लक्ष्मी की पूजा करें, वस्त्र दान करें।
कुंभ: सबसे ज्यादा असर कुंभ पर पड़ेगा। पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ेगी। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
चंद्रग्रहण पर राशि अनुसार दान
धनु: पीली वस्तुएं, हल्दी, गाय को चारा
मकर: काले तिल, कंबल, लोहे के बर्तन
कुंभ: नीला वस्त्र, ऊनी कपड़े, तिल
मीन: चावल, मिश्री, दूध से बनी चीजें
चंद्रग्रहण पर राशि अनुसार दान
सिंह: गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र
कन्या: मूंग दाल, हरी सब्जियाँ, कलम
तुला: चंदन, इत्र, सफेद वस्त्र
वृश्चिक: लाल वस्त्र, मसूर दाल, तांबे के बर्तन
चंद्रग्रहण पर राशि अनुसार दान
मेष: मसूर दाल, तांबा, लाल वस्त्र
वृषभ: घी, सफेद वस्त्र, चावल
मिथुन: हरी मूंग, हरा वस्त्र, पुस्तकें
कर्क: चावल, दूध, सफेद वस्त्र