मॉस्को: आम तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के चेहरे पर दिखने वाली शांति दुश्मनों की रूह कंपा देती है. वहीं, हाल ही में पुतिन का एक ऐसा अवतार देखने को मिला है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. पुतिन ने गुस्से में ‘छोटे सुअर’ जैसे शब्द निकाल दिए हैं. ये तब हुआ जब वो रूस-यूक्रेन के बीच चल रही पीस डील पर पर बात कर रहे थे. जिसमें दुनिया भर के तमाम देश जुड़ चुके हैं, कोई क्रेडिट लेने की होड़ में है तो कई आग में घी डालने का काम कर रहा है. आगे जानें पुतिन ने ये अपमानजनक शब्द किसके लिए इस्तेमाल किए हैं और उन्होंने पीस डील पर फाइनल वर्डिक्ट क्या सुनाया है?
Putin की दहाड़
रक्षा मंत्रालय के साथ वार्षिक बैठक में बोलते हुए पुतिन ने साफ कर दिया है कि अगर डिप्लोमेसी से बात नहीं बनी तो फोर्स का इस्तेमाल करके रूस अपनी मांगे पूरी करके ही मानेगा. उन्होंने कहा कि ‘मॉस्को जिसे अपना ‘विशेष सैन्य अभियान’ मानता वो लक्ष्य ‘बिना शर्त’ पूरे किए जाएंगे. अगर वे सार्थक चर्चा नहीं चाहते, तो रूस युद्ध के मैदान में अपनी ऐतिहासिक भूमि को मुक्त कराएगा’.
America और Europe की मिली-भगत पर भड़के
पुतिन ने दावा किया कि पिछली अमेरिकी सरकार ने जानबूझकर स्थिति को सशस्त्र संघर्ष की ओर धकेला था. उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का मानना था कि रूस को थोड़े ही समय में कमजोर पड़ जाएगा और खत्म हो जाएगा.
इसके बाद यूरोपीय नेताओं पर बात करते हुए पुतिन गुस्से से लाल हो गए. उन्होंने कहा कि ‘यूरोप के छोटे सूअरों ने पिछली अमेरिकी सरकार का इस में तुरंत साथ दिया, उन्हें हमारे देश के पतन से लाभ उठाने की उम्मीद थी’.
यूरोपीय देशों और पुतिन की दुश्मनी जगजाहिर है लेकिन इस तरह की टिप्पणियां इशारा करती हैं कि शांति समझौता हो जाने के बाद भी युद्ध का खतरा हमेशा ही बना रहेगा. बता दें कि हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि बर्लिन में यूक्रेन के साथ हुई पिछली वार्ता में लगभग 90% मुद्दों का समाधान हो गया है. बताया गया है कि सबसे कठिन मुद्दों पर बात बन गई है. हालांकि, अभी भी इस बात पर संशय बना हुआ कि रूस की तरफ से किसी तरह कोई समझौता किया जाएगा या नहीं.