कौन है नेपाल का वो नेता, जिसे प्रदर्शनकार‍ियों ने जेल से छुड़ाया, क्‍या वही बनेंगे ओली के उत्‍तराध‍िकारी

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्‍तीफा देने के बाद प्रदर्शनकार‍ियों की न‍िगाह उन लोगों को बहाल करने पर है, ज‍िन्‍हें केपी शर्मा ओली ने कैद करके रखा था. कहा जा रहा है क‍ि प्रदर्शनकार‍ियों ने नेपाल के पूर्व डिप्‍टी पीएम रवि लामिछाने को जेल से छुड़ा ल‍िया है. रवि लामिछाने कोऑपरेटिव घोटाले में जेल में बंद थे. लामिछाने नेपाल के सबसे युवा नेताओं में से एक ग‍िने जाते हैं. 2022 में उन्होंने राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्रता पार्टी (RSP) की स्थापना की थी. पहले ही चुनाव में उनकी पार्टी को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 20 सीटों पर जीत मिली थी. इसके दम पर वे सत्ता गठबंधन का हिस्सा बने और रवि को डिप्टी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पद मिला था.

रवि लामिछाने पहले एक चर्चित टेलीविजन होस्ट थे. ‘सीधा कुरा जनता संघ’ जैसे प्रोग्राम क‍िया करते थे और इनमें भ्रष्‍टाचार, सामाज‍िक अन्‍याय की बातें को बेबाक तरीके से उजागर करते थे.यहीं से इन्‍हें जनता का साथ मिलना शुरू हुआ. कहा जाता है क‍ि लोग इन्‍हें काफी पसंद करते थे. इनके प्रोग्राम ‘आवाज बनो बेआवाजों की’ का सम्मान मिला.

2022 में बनाई पार्टी
नेपाल की हालत देखकर, वहां पनप रहे सियासी भ्रष्‍टाचार से मुकाबला करने के ल‍िए रवि लामिछाने ने सियासत में कूदने का फैसला ल‍िया. 2022 में रवि लामिछाने ने राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी (RSP) बनाई. गांव गांव घूमे. युवाओं को अपने साथ जोड़ा. इसका असर इतना ज्‍यादा था क‍ि लाखों युवा इनसे जुड़ते चले गए. हालात ये हो गई क‍ि बड़ी बड़ी पार्टियों ने इन्‍हें अपने साथ आने का ऑफर द‍िया, लेकिन रवि लामिछाने ने सबका ऑफर ठुकरा द‍िया.

पहले चुनाव में ही जबरदस्‍त कामयाबी
रवि लामिछाने जब 2022 के चुनावी समर में उतरे तो उसी साल उनकी पार्टी को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 20 सीटें मिलीं. यह नेपाल में क‍िसी पार्टी को पहले ही चुनाव में मिली सबसे बड़ी जीत थी. नतीजा, पहले ही चुनाव में जबरदस्‍त कामयाबी हास‍िल करने की वजह से उन्‍हें सत्‍ता में भागीदारी मिली और नेपाल के डिप्‍टी प्राइम मिन‍िस्‍टर तक बने. उन्‍हें गृहमंत्री की जिम्‍मेदारी मिली.

नागरिकता विवाद में छिनी कुर्सी
रवि लामिछाने जब सियासी कामयाबी की छलांग लगा रहे थे, तभी उनपर नागरिकता को लेकर आरोप लगे. रवि लामिछाने ने 2014 में अमेरिकी नागरिकता ली थी. कहा जाता है क‍ि इससे उनकी नेपाली नागरिकता खुद खत्‍म हो गई. नेपाल का नागर‍िकता कानून यही कहता है क‍ि अगर आपने क‍िसी और देश की नागर‍िकता ली हो तो नेपाल की नागर‍िकता खुद खत्‍म हो जाती है. रवि लामिछाने इसी में फंस गए और उन्‍हें कुर्सी छोड़नी पड़ी. वे दावा करते रहे क‍ि 2018 में उन्‍होंने अमेरिकी नागरिकता छोड़ दी, लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं मानी. क्‍योंक‍ि अमेर‍िकी नागर‍िकता छोड़ने के बाद उन्‍होंने नेपाली नागर‍िकता नहीं ली थी. इससे जनवरी 2023 में नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सांसदी छीन ली. बाद में उन्‍होंने सभी पदों से इस्‍तीफा दे द‍िया.

हार नहीं मानी, फ‍िर ली नागर‍िकता
इस्‍तीफे के कुछ द‍िन बाद रवि लामिछाने ने फ‍िर कानूनी प्र‍क्रिया पूरी कर नेपाल की नागर‍िकता हास‍िल की. इसके बाद अपनी पार्टी RSP के फ‍िर अध्‍यक्ष बन गए. लेकिन जब वे गोरखा मीडिया नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्‍टर थे, उसी दौरान कोऑपरेटिव जैसे सूर्यदर्शन में गबन के आरोप लगे. फरवरी–दिसंबर 2024 में उन पर जांच हुई और अक्टूबर 2024 में पुल‍िस ने उन्‍हें ग‍िरफ्तार कर ल‍िया. तब से वे जेल में बंद थे. उनके समर्थक नहीं मानते क‍ि उन पर कोई आरोप है. उन्‍हें लगता है क‍ि उन्‍हें फंसाया गया था.