सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रविवार को बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले को लेकर देशभर में नाराजगी है। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 45 लोग घायल हैं।
इस हमले को लेकर ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख अखबार द डेली टेलीग्राफ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अखबार ने आतंकी की तस्वीर के साथ फ्रंट पेज पर बड़ी और आक्रामक हेडलाइन दी है- “यू बास्टर्ड्स”।
अखबार लिखता है कि आतंकवादियों ने कल सिडनी के बॉन्डी बीच पर लोगों का नरसंहार किया। यह सिडनी के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है।
आतंकियों के पाकिस्तानी मूल के होने का शक इस घटना में शामिल दोनों आतंकियों की पहचान हो गई है। ये बाप-बेटे हैं। पुलिस को इनके पाकिस्तानी मूल के होने का शक है।
आतंकियों ने रविवार को बॉन्डी बीच पर हनुक्का फेस्टिवल मना रहे लोगों पर फायरिंग की थी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 50 साल के साजिद अकरम को मौके पर ही गोली मार दी, जिससे वो वहीं ढेर हो गया। वहीं, उसके साथ फायरिंग कर रहा उसका 24 साल का बेटा नवीद अकरम पुलिस की गोली से घायल हुआ, वह अस्पताल में गंभीर हालत में है।
ब्रिज से फायर कर रहे दोनों आतंकियों को पुलिस ने गोली मारी। एक आतंकी को पहले ही गोली लग चुकी थी। फुटेज में दूसरा आतंकी गोली लगने के बाद गिरता नजर आया।
गोलियां बरसाने से पहले आतंकी ने मां से झूठ कहा था
नवीद ने हमले से कुछ घंटे पहले अपनी मां से बात की थी। द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक, उसने अपनी मां से कहा था कि वह तैराकी करने गया है और अब खाने जा रहा है।
सिडनी में पुलिस जब उनके घर को घेर रही थी, तब हमलावर की मां वेरेना ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि उनके बेटे नवीद ने उन्हें रविवार सुबह आखिरी बार फोन किया था। उस समय वह अपने पिता साजिद अकरम के साथ जर्विस बे में वीकेंड ट्रिप पर था।
वेरेना ने कहा, “उसने मुझे रविवार को फोन किया और कहा, मम्मी, मैं अभी तैर कर आया हूं। मैंने स्कूबा डाइविंग की। अब हम खाने जा रहे हैं। फिर उसने कहा कि बहुत गर्मी है, इसलिए अब हम घर पर ही रहेंगे।” इसके कुछ ही घंटों बाद, साजिद और नवीद दोनों ने बॉन्डी बीच पर हनुक्का कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी।
मां बोली- हर मां चाहेगी उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो
वेरेना ने कहा कि वह क्राइम साइट पर ली गई तस्वीरों में अपने बेटे को पहचान ही नहीं पाईं। उसे यकीन नहीं हो रहा कि उसका बेटा हिंसा में शामिल हो सकता है।
उसने कहा, “उसके पास कोई बंदूक नहीं है। वह बाहर भी नहीं घूमता। वह दोस्तों के साथ नहीं रहता। वह शराब नहीं पीता, सिगरेट नहीं पीता। वह बुरी जगहों पर नहीं जाता। वह काम पर जाता है, घर आता है और बस यही उसकी जिंदगी है।”
वेरने ने कहा कि कोई भी मां चाहेगी कि उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो। क्योंकि वह एक अच्छा लड़का है। उसने कहा कि नवीद करीब दो महीने से बेरोजगार था। जिस निर्माण कंपनी में वह ईंट लगाने का काम करता था, वह बंद हो गई थी। इसके बाद वह लगातार नई नौकरी की तलाश कर रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे की वजह अब भी पता लगाई जा रही है। इस घटना से पूरा ऑस्ट्रेलिया दहल गया है और देशभर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ऑस्ट्रेलियाई मंत्री बोले- साजिद रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर रह रहा था
ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने खुलासा किया है कि साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था। उसने वेरेना नामक ऑस्ट्रेलियाई महिला से शादी की और अपना वीजा पार्टनर वीजा में बदल लिया। तब से वह रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर था। यानी साजिद अकरम के पास ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता नहीं थी।
बर्क ने यह नहीं बताया कि अकरम ऑस्ट्रेलिया में कहां से आकर बसा था। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि वह पाकिस्तान से आया था। अकरम के बेटे नवीद का जन्म 2001 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। वह एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है।
नवीद (ब्लैक टी-शर्ट में) ने सिडनी के हेकेनबर्ग में स्थित अल-मुराद इंस्टीट्यूट से कुरान की पढ़ाई की थी। यह इंस्टीट्यूट अरबी और कुरान की पढ़ाई कराता है। नवीद अक्टूबर 2019 में ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) के जांच के घेरे में आया था। हालांकि, उस समय उनके खिलाफ हिंसा में शामिल होने या किसी भी प्रकार के खतरे का कोई संकेत नहीं मिला था।
हमले को लेकर वेरेना ने मीडिया को बताया कि मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि उसने कोई आतंकी हमला किया है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा बहुत अच्छा है। वह कभी गलत संगत में भी नहीं रहा।
लाइसेंसी बंदूक से हमलावर ने गोलीबारी की थी
पुलिस के मुताबिक, 50 साल के हमलावर साजिद अकरम के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसका इस्तेमाल वह शिकार के लिए करता था। एनएसडब्ल्यू पुलिस कमिश्नर मल लैनयन ने कहा कि साजिद अकरम एक गन क्लब का सदस्य था और राज्य के कानून के तहत उसके पास लाइसेंस था।
साजिद अकरम के पास कानूनी रूप से 6 बंदूकें थी। गोलीबारी के लिए निकलने से पहले बाप-बेटे ने अपने परिवार को कहा था कि वह मछलियां पकड़ने जा रहे हैं। अकरम अपने परिवार के साथ एक किराए के घर में रहता था। हमले के बाद पुलिस ने इस मकान पर छापेमारी की। रिपोर्ट के मुताबिक साजिद अकरम फलों की दुकान चलाता था।