Rajasthan Government Employees: राजस्थान सरकार ने दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों की दोबारा मेडिकल जांच के आदेश दिए हैं. फर्जी प्रमाण-पत्र सामने आने के बाद सख्ती बढ़ी है. करीब 15 हजार कार्मिक प्रभावित हो सकते हैं, जिससे कर्मचारियों में चिंता और असंतोष का माहौल है.
राजस्थान सरकार ने दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर नियुक्त किए गए सभी सरकारी कर्मचारियों की दोबारा मेडिकल जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं. इस फैसले के बाद प्रदेश भर में काम कर रहे दिव्यांग कर्मचारियों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है. कई कर्मचारियों को डर है कि वर्षों पहले मिली नौकरी पर अब सवाल खड़े हो सकते हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि इस प्रक्रिया से करीब 15 हजार से ज्यादा कार्मिक प्रभावित हो सकते हैं, जिन्हें अपनी नौकरी की पात्रता को लेकर अनिश्चितता सताने लगी है.
दरअसल, हाल के महीनों में सरकारी भर्तियों के दौरान दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से जुड़े कई संदिग्ध और फर्जी मामले सामने आए थे. इन खुलासों के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि दिव्यांग कोटे से नियुक्त कर्मचारियों की दोबारा जांच कराई जाए. इस आदेश का असर सिर्फ हाल ही में चयनित अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि 5 साल से लेकर 35 साल पहले तक नियुक्त कर्मचारी भी अब मेडिकल बोर्ड के सामने पेश हो रहे हैं.