नई दिल्ली: बिहार की सड़कें सबसे खतरनाक हैं। इन सड़कों पर वाहन चालक टक्कर मारकर (हिट एंड रन) भाग जाते हैं और दुर्घटना से प्रभावित चालकों को सड़कों पर ही मरने के लिए तड़पता छोड़ देते हैं। हिट एंड रन के मामलों में बिहार सबसे आगे है। इन मामलों में देश में मध्य प्रदेश राज्य दूसरे नंबर और तमिलनाडु तीसरे नंबर है।
देश में होने वाली सड़क दुर्घटना (हिट एंड रन) के मामलों में किए गए दावों की भुगतान रपट में यह जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार की यह रपट साफ दिखाती है कि बीते तीन सालों में इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और किसी भी साल में सरकारी एजेंसी ने पूरे मामलों का भुगतान नहीं किया है।
फरवरी 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि देश के सबसे अधिक दुर्घटना प्रभावित राज्यों में बिहार सबसे आगे है। बिहार में इस वर्ष फरवरी तक 2811 दावे पंजीकृत किए गए हैं और राज्य सरकार कुल 2872 दावों का भुगतान कर चुकी है। इसी प्रकार दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश रहा है, जहां 929 मामलों में से 425 और गुजरात में 819 में से 720 दावों का भुगतान किया जा चुका है।
इस सब के अतिरिक्त सबसे अधिक दुर्घटना के आंध्र प्रदेश (765), अरुणाचल प्रदेश (347), छत्तीसगढ़ (488), हरियाणा (515), झारखंड (790), उत्तर प्रदेश (219), उत्तराखंड (66), पश्चिम बंगाल (41) दावे पेश किए थे। इन दावों में राज्यों व केंद्र शासित राज्य शामिल हैं। रपट बताती है कि सरकार के पास देश के सभी राज्यों से 9813 दावे सामने आए थे और इन दावों के आधार पर राज्यों में 7348 पीड़ितों को कुल 125.9 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
देश में दिल्ली, चंडीगढ़, लक्ष्यद्वीप, लद्दाख, अंडमान निकोबार जैसे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ऐसा एक भी हिट एंड रन का मामला सामने नहीं आया है। हाल ही संसद पटल पर दी गई एक रपट में ये तथ्य केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्रालय की ओर से रखे गए हैं। बीते तीन साल से शुरू की गई इस योजना के बाद देश भर में लगातार कुल इस तरह के मामलों की संख्या बढ़ी है।
देश में वर्ष 2022-23 में कुल मामले 205 दर्ज किए गए थे, इनमें से केवल 95 का ही भुगतान किया गया। इस मद में करीब 1.78 करोड़ की राशि खर्च की गई थी, जबकि वर्ष 2023-24 में इन मामलों की संख्या बढ़कर 3413 हुई और 2571 मामलों में 50.76 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया।
वर्ष दावों की संख्या
2022-23 110
2023-24 896
2024-25 2444
2025-26 2465