बिहार में स्कूल 8 जनवरी तक बंद, डीएम ने जारी किया आदेश; बच्चों को कड़ाके की ठंढ़ से मिलेगी राहत

पटना : बिहार की राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड और लुढ़कते पारे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पटना में कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ते प्रतिकूल प्रभाव और शीतलहर के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

सभी स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा लागू
पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत यह पाबंदी लगाई गई है। यह आदेश पटना जिले के सभी स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर समान रूप से लागू होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा सर्वोपरि है, इसलिए कम तापमान की स्थिति में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

बड़ी कक्षाओं के समय में भी बदलाव
पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए 8 जनवरी तक वर्ग-8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। छोटे बच्चों के लिए स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि उनकी कक्षाएं पूरी तरह बंद नहीं की गई हैं। हालांकि, उनके समय में बदलाव किया गया है। कक्षा 8वीं तक सभी शैक्षणिक गतिविधियां 8 जनवरी 2026 तक प्रतिबंधित रहेंगी। वहीं कक्षा 9वीं और ऊपर स्कूल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 03:30 बजे के बीच ही संचालित किए जा सकेंगे। साथ ही प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं के लिए चलने वाली विशेष कक्षाओं और परीक्षाओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

कब से प्रभावी होगा आदेश?
पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. के आदेश के अनुसार, यह नया शेड्यूल 4 जनवरी 2026 से लागू होगा और 8 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। विद्यालय प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशासन के इस आदेश के अनुरूप ही अपनी कक्षाओं का पुनर्निर्धारण करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है।