10000 पदों पर बहाली, 100 दिनों में दिखेगा एक्शन… जींस-शर्ट वाले मंत्री दीपक प्रकाश का बड़ा प्लान

पटना. बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने NEWS18 इंडिया के Diamond State Summit में अपने विभाग की प्राथमिकताओं, नियुक्तियों, परिवारवाद के आरोपों और अपने पहनावे को लेकर उठे सवालों पर खुलकर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वे राजनीति में दिखावे के लिए नहीं, बल्कि काम करने के लिए आए हैं, इसलिए जनता उनसे 100 दिनों में स्पष्ट बदलाव देखेगी. दीपक प्रकाश ने जल्द ही बिहार के पंचयती राज विभाग में बहाली होगी और अन्य कार्यों को भी तेजी से पूरा किया जाएगा.

‘100 दिनों में दिखेगा काम… 10 हजार पदों पर बहाली पूरी करूंगा’
दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायती राज विभाग में कई ऐसे काम हैं, जिन्हें गति देने की जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि वे “100 दिनों के भीतर बड़ी उपलब्धियां पेश करेंगे.” उन्होंने कहा- “मैं अपने विभाग में 10,000 पदों पर बहाली प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करूंगा. एक बार भरोसा करिए, मैं काम करने आया हूं.” मंत्री ने कहा कि पंचायतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, विकास योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग और पारदर्शिता उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है.

अपने मंत्री पद पर परिवारवाद के आरोपों पर दीपक प्रकाश ने साफ कहा कि यह मामला पूरी तरह पार्टी का निर्णय है. उन्होंने कहा- “कृपया इसे परिवारवाद से मत जोड़िए। पार्टी के लोगों की राय के बाद ही मुझे मंत्री बनाया गया है. मैं काम के दम पर अपनी पहचान बनाऊंगा.”उन्होंने कहा कि जनता सर्वोच्च है और अगर उन्हें लगे कि काम ठीक नहीं हो रहा, तो वे फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं.

जींस-शर्ट में शपथ पर बोले- “जो कंफर्टेबल लगता है वही पहनता हूं”
शपथ ग्रहण समारोह में जींस और शर्ट पहनने को लेकर उठे सवालों पर दीपक प्रकाश ने बेहद सहज जवाब दिया. उन्होंने कहा- “मुझे लोगों के बीच जाकर काम करना है. ऐसे में जो कपड़े मुझे कंफर्टेबल लगते हैं, वही पहनता हूं। जब लगेगा तो कुर्ता-पायजामा भी पहन लूंगा.” उनका कहना था कि किसी नेता का आकलन उसके पहनावे से नहीं, बल्कि उसके काम से होना चाहिए.

‘जनता मौका दे, मैं काम से खुद को साबित करूंगा’
दीपक प्रकाश ने कहा कि वे उन मंत्रियों में से हैं जिन्हें तेज काम पसंद है और वे चाहते हैं कि जनता उन्हें काम के लिए पहचाने. उन्होंने कहा- “आप लोग एक बार मौका दीजिए, अगर फिर भी मेरा काम ठीक नहीं लगेगा तो जनता मालिक है.” कुल मिलाकर, मंत्री दीपक प्रकाश ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे आने वाले महीनों में पंचायतों के कामकाज में तेज सुधार लाने और राज्य में बड़ी संख्या में नियुक्तियों को गति देने को लेकर गंभीर हैं. जनता की कसौटी पर खरा उतरने के लिए उन्होंने खुद को सार्वजनिक रूप से जवाबदेह भी बताया.